UP में युवा उद्यमी योजना के तहत लोन की प्रक्रिया हुआ बदलाव, अब लोन लेकर कारोबार नहीं शुरू करने वाले युवाओं से होगी वसूली
By राजेंद्र कुमार | Updated: May 16, 2026 17:50 IST2026-05-16T17:50:10+5:302026-05-16T17:50:31+5:30
सूबे में सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर उन युवाओं से लोन की राशि वसूली जाएगी जिन्होंने कारोबार शुरू करने के लिए लोन लिया था, लेकिन कारोबार शुरू नहीं किया.

UP में युवा उद्यमी योजना के तहत लोन की प्रक्रिया हुआ बदलाव, अब लोन लेकर कारोबार नहीं शुरू करने वाले युवाओं से होगी वसूली
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बीते साल जनवरी में युवा उद्यमियों को स्वरोजगार करने के लिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान योजना शुरू की गई थी. इस योजना के तहत कोई भी युवा उद्यमी बिना गारंटी और ब्याज के अपना उद्यम शुरू करने के लिए पांच लाख रुपए तक का ऋण (लोन) ले सकता था. प्रदेश सरकार की इस योजना से युवा उद्यमियों आकर्षित हुए. मात्र 16 महीनों में ही प्रदेश के 1,69,271 युवाओं ने 6,955 करोड़ रुपए का लोन इस योजना के तहत ले लिया, लेकिन लोन लेने युवा उद्यमियों में बहुतों में अभी तक अपना कारोबार शुरू ही नहीं किया. यहीं नहीं तमाम युवाओं ने लोन लेकर के बाद कारोबार शुरू किया, लेकिन अब उसे बंद कर दिया है.
इसकी जानकारी होने पर अब सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग ने इस योजना के तहत लोन लेने वाले युवाओं का स्थलीय सत्यापन का कार्य शुरू किया है. सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर उन युवाओं से लोन की राशि वसूली जाएगी जिन्होंने कारोबार शुरू करने के लिए लोन लिया था, लेकिन कारोबार शुरू नहीं किया. इसके साथ ही सरकार ने तय किया है कि अब से मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान योजना में उन्ही युवा उद्यमियों को कारोबार शुरू करने के लिए लोन मिलेगा जो अपने कारोबार की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) दाखिल करेंगे.
लोन लिए पर कारोबार नहीं शुरू किया
प्रदेश के एमएसएमई विभाग के अफसरों के अनुसार, राज्य के पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं को अपना उद्यम शुरू करने के लिए पिछले वर्ष 24 जनवरी को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान योजना का शुभारंभ किया गया था. इस योजना के तहत अपना उद्यम शुरू करने के लिए बिना ब्याज व गारंटी के पांच लाख रुपए तक का ऋण (लोन) दिए जाने का प्रावधान किया गया. समय से लोन की किस्त जमा करने के बाद उद्यम को बढ़ाने के लिए युवाओं को दोबारा भी बिना ब्याज व गारंटी के ऋण लेने की सुविधा भी इस योजना में दी गई. इस योजना का लाभ लेने के लिए विभाग ने युवाओं को 400 प्रकार के ऑनलाइन बिजनेस आइडिया भी उपलब्ध कराए.
सीएम उद्यमी योजना के नोडल अधिकारी सर्वेश्वर शुक्ला के अनुसार, प्रदेश के युवाओं ने इस योजना को हाथों-हाथ लिया और 16 माह के भीतर ही प्रदेश के 1,69,271 युवाओं ने 6,955 करोड़ रुपए का लोन अपना कारोबार शुरू करने के लिए लिया. बीते दिनों इस योजना की समीक्षा के दौरान यह पाना गया कि बड़ी संख्या में लोन लेने वाले युवा उद्यमियों ने बैंकों में लोन की किस्त ही जमा नहीं की. इस बारे में जब छानबीन शुरू की गई तो यह भी पता चला की बहुत से युवा उद्यमियों ने लोन तो ले लिए लेकिन अभी तक अपना कारोबार शुरू ही नहीं किया है.
बदली गई लोन लेने की प्रक्रिया
इस जानकारी के आधार पर ही विभाग ने लोन लेने वाले सभी युवा उद्यमियों का स्थलीय सत्यापन करने का फैसला किया.अब लोन लेने वाले हर युवा सत्यापन करने में जुटे कर्मी युवाओं की उनके उद्यम के साथ फोटो और वीडियो के साथ गूगल के जरिए मोबाइल एप पर लोकेशन भी अपडेट करेंगे. सत्यापन के समय इस बात की भी जानकारी एकत्र की जाएगी कि संबंधित युवा ने अपना कारोबार शुरू करने के बाद कितने लोगों को रोजगार दिया है. किस प्रकार का कारोबार शुरू किया है, ऋण लेते समय जिस उद्यम को स्थापित किए जाने की सहमति संबंधित युवा ने दी थी उसने वही उद्यम स्थापित किया है या नहीं.
लोन लेकर कारोबार शुरू करने वाले युवा उद्यमी की माह में कितनी कमाई हो रही है. और जिस उद्यमी ने लोन तो लिया लेकिन कारोबार शुरू नहीं किया है तो उस उद्यमी से लोन की राशि वसूली जाएगी. सर्वेश्वर शुक्ला का कहना है कि लोन लेने के बाद कारोबार न शुरू करने वाले उद्यमियों के मामले से सबक लेते हुए अब यह तय किया गया है कि युवा उद्यमियों को कारोबार शुरू करने के लिए लोन तभी मिलेगा जो जब वह अपने कारोबार की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) दाखिल करेंगे.
इसके लिए सीएम उद्यमी योजना में लोन लेने की प्रक्रिया बदली गई है. यह जानकारी देने वाले सर्वेश्वर शुक्ला यह नहीं बताते कि लोन लेने वाले 1,69,271 युवाओं में से कितनों ने अभी तक अपना कारोबार शुरू नहीं किया है. वह सिर्फ इतना ही कहते हैं, ऐसे युवाओं की संख्या बहुत है, सत्यापन रिपोर्ट आने पर इनकी संख्या भी बता दी जाएगी.