बिहार में ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार ने भ्रष्टाचार से अर्जित कर ली अकूत संपत्ति, रेड के दौरान मिला 40 लाख रुपये कैश

By एस पी सिन्हा | Updated: May 16, 2026 18:38 IST2026-05-16T18:38:06+5:302026-05-16T18:38:15+5:30

छापेमारी के दौरान सबसे बड़ी बरामदगी पटना के मजिस्ट्रेट कॉलोनी स्थित जगत विला अपार्टमेंट के फ्लैट से हुई. यहां से 40 लाख रुपये नकद बरामद किए गए. नोट पांच-पांच सौ के बंडल में रखे हुए थे. इसके अलावा सोना, चांदी और कई महत्वपूर्ण डॉक्युमेंट्स भी मिले हैं.

Gopal Kumar, an Executive Engineer in Bihar's Rural Works Department, has amassed immense wealth through corruption; Rs 40 lakh in cash was recovered during a raid. | बिहार में ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार ने भ्रष्टाचार से अर्जित कर ली अकूत संपत्ति, रेड के दौरान मिला 40 लाख रुपये कैश

बिहार में ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार ने भ्रष्टाचार से अर्जित कर ली अकूत संपत्ति, रेड के दौरान मिला 40 लाख रुपये कैश

पटना: बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जमुई जिले के झाझा ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार के खिलाफ छापेमारी की. छापेमारी के दौरान सबसे बड़ी बरामदगी पटना के मजिस्ट्रेट कॉलोनी स्थित जगत विला अपार्टमेंट के फ्लैट से हुई. यहां से 40 लाख रुपये नकद बरामद किए गए. नोट पांच-पांच सौ के बंडल में रखे हुए थे. इसके अलावा सोना, चांदी और कई महत्वपूर्ण डॉक्युमेंट्स भी मिले हैं. छापेमारी पटना, जमुई, कंकड़बाग और झाझा स्थित चार ठिकानों पर एक साथ की गई.

ईओयू की जांच में सामने आया है कि इंजीनियर गोपाल कुमार के पास उनकी वैध आय से करीब 2 करोड़ 61 हजार रुपये अधिक संपत्ति है. यह उनकी घोषित आय से लगभग 81.5 प्रतिशत ज्यादा बताई जा रही है. अधिकारियों के अनुसार, यह अंतर काफी बड़ा है और गहन जांच की जा रही है. ईओयू की ओर से दर्ज प्राथमिकी में गोपाल कुमार, कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य प्रमंडल, झाझा (जमुई) पर ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया गया है. 

जांच के दौरान प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि उन्होंने अपनी वैध आय से लगभग 2 करोड़ 61 हजार रुपये अधिक की संपत्ति अर्जित की है. यह राशि उनकी ज्ञात आय से करीब 81.5 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है. इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) के तहत केस दर्ज किया गया है. इसके बाद आर्थिक अपराध इकाई ने माननीय विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से तलाशी वारंट प्राप्त कर शुक्रवार सुबह से कार्रवाई शुरू कर दी. 

सूत्रों के अनुसार, पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में गठित अलग-अलग टीमों ने पटना और जमुई में एक साथ छापेमारी शुरू की. जिन ठिकानों पर कार्रवाई चल रही है, उनमें पटना के मजिस्ट्रेट कॉलोनी स्थित ज्योतिपुरम इलाके में जगत विला अपार्टमेंट का फ्लैट शामिल है. इसके अलावा पूर्वी इंदिरा नगर रोड नंबर-4, कंकड़बाग स्थित आवास पर भी जांच टीम पहुंची. वहीं जमुई जिले में केकेएम कॉलेज के समीप स्थित किराये के आवास और झाझा स्थित ग्रामीण कार्य प्रमंडल कार्यालय में भी दस्तावेजों की जांच की गई. 

आर्थिक अपराध इकाई की टीम संपत्ति, बैंक खाते, निवेश, जमीन से जुड़े कागजात और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है. सूत्रों की मानें तो तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड हाथ लगने की संभावना है. हालांकि ईओयू की ओर से अभी विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है. अधिकारियों का कहना है कि तलाशी अभियान पूरा होने के बाद ही बरामदगी और आगे की कानूनी कार्रवाई की विस्तृत सूचना सार्वजनिक की जाएगी. अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल जांच जारी है. बरामद संपत्ति और दस्तावेजों का विस्तृत आकलन किया जा रहा है. 

जांच पूरी होने के बाद और भी बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं. ईओयू की टीम इस मामले को गंभीरता से आगे बढ़ा रही है. बता दें कि बिहार में हाल के दिनों में सरकारी अधिकारियों और इंजीनियरों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामलों में लगातार कार्रवाई देखने को मिल रही है. आर्थिक अपराध इकाई की इस कार्रवाई को सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम का हिस्सा माना जा रहा है.

Web Title: Gopal Kumar, an Executive Engineer in Bihar's Rural Works Department, has amassed immense wealth through corruption; Rs 40 lakh in cash was recovered during a raid.

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