72 से 42 पर पहुंचाने वाले लोग यहां आकर क्या करेंगे?, ललन सिंह ने कहा-आरसीपी सिंह की जरूरत नहीं
By एस पी सिन्हा | Updated: January 18, 2026 17:37 IST2026-01-18T17:36:23+5:302026-01-18T17:37:39+5:30
जदयू के 72 से 42 पर पहुंचा दिए थे। इस पार्टी के जो समर्पित कार्यकर्ता हैं और बिहार की जनता ने फिर से नीतीश कुमार को 42 से 85 पर पहुंचा दिया।

file photo
पटनाः जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री आरसीपी सिंह के जदयू में वापसी की अटकलों पर अब संकट के बादल छा गए हैं। आरसीपी सिंह की जदयू में वापसी की खबरों पर केन्द्रीय मंत्री एवं जदयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह ने दो टूक शब्दों में कह दिया कि पार्टी को गर्त में पहुंचाने वाले लोगों के लिए जदयू में कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा है कि आरसीपी सिंह जैसे नेताओं की जरूरत जदयू को नहीं है। ललन सिंह ने कहा कि कौन आरसीपी सिंह, इन लोगों के लिए जदयू में कहीं स्थान नहीं है। जदयू के 72 से 42 पर पहुंचा दिए थे। इस पार्टी के जो समर्पित कार्यकर्ता हैं और बिहार की जनता ने फिर से नीतीश कुमार को 42 से 85 पर पहुंचा दिया। ऐसे में 72 से 42 पर पहुंचाने वाले लोग यहां आकर क्या ही करेंगे?
वहीं, पार्टी के पूर्व सहयोगी प्रशांत किशोर को लेकर ललन सिंह ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि वह उन्हें जानते तक नहीं हैं। उन्होंने पीके के पुराने बयानों की याद दिलाते हुए कहा कि जो व्यक्ति कुछ समय पहले तक नीतीश कुमार को राजनीति से बाहर करने और उन्हें मिट्टी में मिलाने की बातें करता था, वह आज खुद राजनीति के हाशिये पर है।
ललन सिंह ने कहा कि ऐसे लोगों की बातों को पार्टी गंभीरता से नहीं लेती और न ही उनके लिए भविष्य में कोई स्थान सुरक्षित है। ललन सिंह ने कहा की प्रशांत किशोर ने जदयू को 25 सीट भी नहीं आने का दावा किया था। यहां तक की राजनीति छोड़ने का भी ऐलान किया था। लेकिन जदयू 85 सीटें जीती। उन्हें राजनीति छोड़ देना चाहिए। अभी तक छोड़ा क्यों नहीं?
वहीं, राजद नेता तेजस्वी यादव की बैठकों और उनकी रणनीति पर टिप्पणी करते हुए ललन सिंह ने कहा कि हर पार्टी को अपनी गतिविधियां चलाने का अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तेजस्वी अपनी पार्टी की मजबूती के लिए जो भी कर रहे हैं, वह उनका आंतरिक मामला है और इससे जदयू की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ने वाला।
उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार का विकास निरंतर जारी है और जनता का भरोसा आज भी उन्हीं के साथ है। बता दें कि एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में आरसीपी सिंह ने पहले अपने पुराने राजनीतिक रिश्तों पर बात की थी। उन्होंने कहा था कि आपको कहां से लगता है कि हम लोग दो हैं। हम उनके साथ 25 वर्षों से रहे हैं। जितना हम उनको जानते हैं और जितना वह मुझे जानते हैं, उतना कोई दूसरा जानता है क्या?”