तेजस्वी यादव होंगे कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष?, बिहार विधानसभा चुनाव के बाद संकट में राजद

By एस पी सिन्हा | Updated: January 18, 2026 17:00 IST2026-01-18T16:59:08+5:302026-01-18T17:00:19+5:30

विधानसभा चुनाव में कथित तौर पर भितरघात करने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई पर भी विचार हो सकता है।

bihar patna lalu family Tejashwi Yadav acting national president RJD trouble after Bihar assembly elections | तेजस्वी यादव होंगे कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष?, बिहार विधानसभा चुनाव के बाद संकट में राजद

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Highlightsराजद के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की 25 जनवरी को होने वाली बैठक में लिया जाएगा।सूत्रों के अनुसार, इस प्रस्ताव पर लगभग सहमति बन चुकी है। बैठक में संगठनात्मक स्तर पर कई अहम फैसले लिए जाने की संभावना है।

पटनाः बिहार विधानसभा चुनाव के बाद से राजद की सियासत इन दिनों उथल-पुथल से गुजर रहा है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व पर संकट दूर करने की जिम्मेदारी बढ गई है। सूत्रों के मुताबिक राजद प्रमुख लालू यादव राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद छोड़ सकते हैं। कहा जा रहा है कि लालू यादव की बिगड़ती तबीयत को देखते हुए राजद तेजस्वी यादव को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का फैसला ले सकती है। इसको लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि इस मामले में फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। माना जा रहा है कि इसका फैसला राजद के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की 25 जनवरी को होने वाली बैठक में लिया जाएगा।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस प्रस्ताव पर लगभग सहमति बन चुकी है। वहीं बैठक में संगठनात्मक स्तर पर कई अहम फैसले लिए जाने की संभावना है। कुछ वरिष्ठ नेताओं को प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर नई जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। इसके साथ ही हालिया विधानसभा चुनाव में कथित तौर पर भितरघात करने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई पर भी विचार हो सकता है।

बता दें कि वर्तमान में भी पार्टी के लगभग सभी अहम फैसले तेजस्वी ही ले रहे हैं और अघोषित रूप से संगठन की कमान संभाले हुए हैं। हालांकि, औपचारिक पद न होने के कारण वे कई निर्णयों की सार्वजनिक घोषणा नहीं कर पा रहे हैं। पार्टी के भीतर उनके नेतृत्व को व्यापक स्वीकार्यता मिल चुकी है और विरोध करने वाले नेता भी हाशिये पर जा चुके हैं।

ऐसे में लालू प्रसाद यादव चाहते हैं कि नेतृत्व परिवर्तन को औपचारिक और सुव्यवस्थित तरीके से पूरा किया जाए। बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों में राजद के लिए अधिक सक्रियता जरूरी हो गई है। विधानसभा चुनाव में पार्टी का महज 25 सीटों पर सिमट जाने से पार्टी और लालू यादव परिवार, दोनों ही स्तरों पर गहरा असंतोष उभरकर सामने आया है।

इसको लेकर लगातार मंथन का दौर भी जारी है कि आखिर आगामी रणनीति क्या हो जिससे पार्टी फिर उठ खड़ी हो। खास बात यह कि जब से चुनाव परिणाम आए हैं तब से ही लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य लगातार पार्टी के भीतर काफी कुछ गड़बड़ होने की बात उठाती आ रही हैं। बता दें कि रोहिणी आचार्य ने हाल ही में परिवार और पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए थे,

जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मची हुई है। पार्टी सूत्र बताते हैं कि विधानसभा चुनाव 2025 में मिली करारी हार के बाद राजद नेतृत्व ने हार-जीत के कारणों का विश्लेषण शुरू किया है। जो राजद 2020 के चुनाव में 75 सीटें जीतकर बिहार की सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, वहीं पार्टी 25 सीटों पर कैसे और क्यों सिमट गई?

पार्टी के लिहाज से तेजस्वी यादव की इस बैठक को नई रणनीति और संगठनात्मक मजबूती के लिए निर्णायक क्षण माना जा रहा है, क्योंकि बैठक में यह भी तय होगा कि किन नेताओं पर भ्रष्ट कार्य या भीतरघात के आरोपों पर औपचारिक कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं पार्टी के अंदर असंतोष और मतभेद पर नियंत्रण के लिए सख्त निर्णय लेने की तैयारी की चर्चा है।

उल्लेखनीय है कि लालू यादव पिछले 28 सालों से राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर बने हुए हैं। 5 जुलाई 1997 से लालू यादव लगातार राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर बने हुए हैं। जून 2025 में लालू यादव 13वीं बार राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। 5 जुलाई 2025 को उनकी ताजपोशी की गई।

यह लालू यादव की 13वीं कार्यकाल है जो 2028 तक रहेगी। राजद पार्टी में हर तीन साल पर राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होता है। राजद पार्टी के गठन के बाद से ही लालू यादव ने ही इस पद की जिम्मेदारी संभाली है। वहीं अब माना जा रहा है कि राजद की कमान उनके हाथों से छूट सकती है।

Web Title: bihar patna lalu family Tejashwi Yadav acting national president RJD trouble after Bihar assembly elections

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