महाराष्ट्र नगर निकाय चुनावः एआईएमआईएम ने 114 सीटें जीतीं?, कमाल करते हो असदुद्दीन ओवैसी साहब?, राज ठाकरे, शरद पवार और मायावती की पीछे छोड़ा?
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 17, 2026 15:41 IST2026-01-17T15:40:10+5:302026-01-17T15:41:10+5:30
Maharashtra Municipal Elections: एआईएमआईएम ने छत्रपति संभाजीनगर में 33 सीटें, मालेगांव में 21, अमरावती में 15, नांदेड़ में 13, धुले में 10, सोलापुर में 8, मुंबई में 6, ठाणे में 5, जलगांव में 2 और चंद्रपुर में 1 सीट जीती।

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छत्रपति संभाजीनगरः ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने राज्य भर के नगर निकायों में कुल 114 सीटों पर जीत हासिल की है। पार्टी के एक नेता ने यह जानकारी दी। पार्टी के नेता शारिक नक्शबंदी ने शुक्रवार को यहां कहा कि असदुद्दीन ओवैसी के घर-घर जाकर चुनाव प्रचार करने और पिछले चुनावों में बहुत कम मतों के अंतर से मिली हार ने पार्टी कार्यकर्ताओं को महाराष्ट्र के निकाय चुनावों में जीत सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया। एआईएमआईएम ने छत्रपति संभाजीनगर में 33 सीटें, मालेगांव में 21, अमरावती में 15, नांदेड़ में 13, धुले में 10, सोलापुर में 8, मुंबई में 6, ठाणे में 5, जलगांव में 2 और चंद्रपुर में 1 सीट जीती। नक्शबंदी ने बताया कि पिछले नगर निकाय चुनावों में 80 सीटें जीतने से पार्टी को शहरी मतदाताओं के मिजाज का अंदाजा हो गया था।
जिससे उसे जीत हासिल करने में मदद मिली। उन्होंने कहा, ‘‘शुरुआत में, छत्रपति संभाजीनगर में उम्मीदवारी को लेकर एआईएमआईएम को अपने ही लोगों से चुनौती का सामना करना पड़ा। बाद में, असदुद्दीन ओवैसी की मौजूदगी और उनकी रैलियों के कारण एआईएमआईएम ने यहां 33 पर जीत हासिल की। इस बार हमने मुंबई से लेकर चंद्रपुर तक सभी जगह पर जीत दर्ज की है।’’
महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के कार्यकर्ताओं में असदुद्दीन ओवैसी के घर-घर जाकर किए गए प्रचार और पिछले चुनावों में मामूली हार का दर्द झलक रहा था, जिसके चलते पार्टी ने राज्य भर में 114 सीटें जीतीं। पार्टी के नेता शारेक नक्शबंदी ने शुक्रवार को यहां यह जानकारी दी।
एआईएमआईएम ने छत्रपति संभाजीनगर में 33, मालेगांव में 21, अमरावती में 15, नांदेड़ में 13, धुले में 10, सोलापुर में 8, मुंबई में 6, ठाणे में 5, जलगांव में 2 और चंद्रपुर में 1 सीट जीती। नक्शबंदी ने बताया कि पिछले नगर निगम चुनावों में 80 सीटें जीतने से पार्टी को शहरी मतदाताओं के मिजाज का अंदाजा हो गया था, जिससे उसे काफी मदद मिली।
“शुरुआत में, छत्रपति संभाजीनगर में उम्मीदवारी को लेकर एआईएमआईएम को अपने ही लोगों से चुनौती का सामना करना पड़ा। बाद में, असदुद्दीन ओवैसी की मौजूदगी और उनके प्रभावशाली क्षेत्रों में हुई रैलियों के कारण एआईएमआईएम ने यहां लड़ी गई 37 सीटों में से 33 पर जीत हासिल की।
इस बार हमने मुंबई से चंद्रपुर तक जीत दर्ज की है,” उन्होंने कहा। नक्शबंदी ने कहा कि ओवैसी ने 2015 की तुलना में चुनाव प्रचार के लिए अधिक समय दिया और असंतुष्ट नेताओं से बात करके और उनमें से लगभग 70 प्रतिशत को मनाकर असंतोष को दूर करने में सफल रहे।