भ्रम की राजनीति छोड़ें, पहले अपने गिरेबान में झांकें राहुल गांधी?, संजय मयूख ने कहा- कांग्रेस ने एक बार फिर 22 लाख छात्रों के भविष्य से ऊपर राजनीति को चुना
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: May 16, 2026 20:58 IST2026-05-16T20:57:51+5:302026-05-16T20:58:41+5:30
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रमुख एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ संजय मयूख का राहुल गाँधी के दुर्भाग्यपूर्ण बयान पर करारा हमला।

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नई दिल्लीः भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रमुख एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ संजय मयूख ने नीट (NEET) पेपर लीक मामले पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, संवेदनहीन और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। डॉ मयूख ने कहा कि राहुल गांधी आखिर कब तक सिर्फ खोखले आरोपों और भ्रम फैलाने की राजनीति करते रहेंगे? यह समय देश के लाखों मेधावी छात्रों की पीड़ा को समझने और उनके भविष्य को लेकर संवेदनशील होने का है, न कि इस दुखद परिस्थिति पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने का।
डॉ मयूख ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस पूरे मामले में अपनी जवाबदेही निभाते हुए तुरंत CBI जांच, प्रभावित छात्रों के लिए री-एग्जाम (Re-exam) और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने जैसे कई निर्णायक कदम उठाए हैं। ऐसे समय में विपक्ष से एक जिम्मेदार भूमिका की उम्मीद थी। उन्होंने आगे कहा, "अगर सरकार री-NEET और CBI जांच का फैसला नहीं लेती,
तो यही लोग सरकार पर निष्क्रियता का आरोप लगाते। अब जब सरकार ने त्वरित, ईमानदार और सख्त निर्णय लिए हैं, तो राहुल गांधी की राजनीति का आधार ही कमजोर पड़ गया है। कांग्रेस ने एक बार फिर 22 लाख छात्रों के भविष्य से ऊपर राजनीति को चुना है। कांग्रेस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उसके लिए 22 लाख छात्रों के भविष्य से बढ़कर अपनी घटिया राजनीति है।”
भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रमुख ने कांग्रेस को आईना दिखाते हुए कहा कि दूसरों पर उंगली उठाने से पहले राहुल गांधी को अपने और अपनी पार्टी के कार्यकाल के दौरान हुए अनगिनत पेपर लीक और परीक्षा घोटालों पर देश को जवाब देना चाहिए। कांग्रेस का इतिहास युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का रहा है जैसे यूपीए शासनकाल में हुए AIPMT पेपर लीक, SSC घोटाले, CBSE पेपर लीक।
डॉ मयूख ने साफ किया कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है—छात्रों के भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं होगा। पेपर लीक माफियाओं पर "जीरो टॉलरेंस" नीति के तहत देशव्यापी कार्रवाई की जा रही है, जो इस बात का प्रमाण है कि सरकार इस मामले को दबा नहीं रही, बल्कि जड़ से खत्म कर रही है।
कथित मास्टरमाइंड P.V. कुलकर्णी को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसमें संलिप्त बायोलॉजी लेक्चरर मनीषा मंधारे को सलाखों के पीछे भेजा गया है। जयपुर, गुरुग्राम, नासिक सहित देश के कई स्थानों से जुड़े ऑपरेटिव्स और संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा, "यह लीपापोती नहीं है। यह चुप्पी नहीं है। यह धरातल पर दिखती हुई सख्त कार्रवाई है।
राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रमुख ने कहा कि इस संवेदनशील समय में देश के छात्रों और युवाओं को किसी राजनीतिक एजेंडे या भटकाव की नहीं, बल्कि सहयोग, संवेदनशीलता, विश्वास और समर्थन की सबसे अधिक आवश्यकता है। मोदी सरकार देश के हर एक ईमानदार और परिश्रमी छात्र के साथ चट्टान की तरह मजबूती से खड़ी है। सरकार की यह लड़ाई देश के युवाओं के हक के लिए है—और किसी भी पेपर लीक माफिया या राजनीतिक अवसरवादी को बख्शा नहीं जाएगा।