टाटा मोटर्स के लखनऊ प्लांट से सीएम योगी ने दिखाई 10 लाखवीं गाड़ी को हरी झंडी, कहा-बाहरी तत्वों को प्लांट के मामलों में हस्तक्षेप की अनुमति नहीं
By राजेंद्र कुमार | Updated: April 15, 2026 17:29 IST2026-04-15T17:28:07+5:302026-04-15T17:29:08+5:30
गत सोमवार और मंगलवार को नोएडा में वेतन में इजाफा करने की मांग को लेकर नाराज कर्मचारियों ने जो तोड़फोड़ की उसके चलते देश भर में यूपी के औद्योगिक माहौल की छवि पर असर पड़ा है.

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लखनऊः उत्तर प्रदेश की आर्थिक राजधानी नोएडा में वेतन में इजाफा करने की मांग को लेकर भड़के कर्मचारियों द्वारा की गई हिंसा को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भूल नहीं पा रहे हैं. बुधवार को टाटा मोटर्स के लखनऊ प्लांट में 10 लाखवीं गाड़ी को फ्लैग ऑफ करने के बाद मुख्यमंत्री योगी ने जो कहा उससे यह स्पष्ट हुआ. टाटा मोटर्स के लखनऊ प्लांट में 10 लाखवीं गाड़ी को फ्लैग ऑफ करने के बाद सीएम योगी ने जहां एक तरफ टाटा मोटर्स के लखनऊ प्लांट की उपलब्धि को यूपी को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में निर्णायक कदम बताया.
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन को मजबूत बनाए रखने के लिए बाहरी हस्तक्षेप से बचना बेहद आवश्यक है. इसलिए हर कर्मचारी की जिम्मेदारी है कि वह संगठन को परिवार की तरह समझे, उसकी एकता और विश्वास को बनाए रखे तथा सकारात्मक कार्य संस्कृति को आगे बढ़ाए. किसी भी स्थिति में बाहरी तत्वों को समूह या प्लांट के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.
मुख्यमंत्री के इस कथन को नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र में हुए विवाद से जोड़कर देखा गया है. गत सोमवार और मंगलवार को नोएडा में वेतन में इजाफा करने की मांग को लेकर नाराज कर्मचारियों ने जो तोड़फोड़ की उसके चलते देश भर में यूपी के औद्योगिक माहौल की छवि पर असर पड़ा है.
मुख्यमंत्री योगी ने यह जानते हुए ही टाटा मोटर्स के कर्मचारियों के बीच यह कहा कि लखनऊ में टाटा मोटर्स की 34 वर्षों की यह यात्रा “टाटा के ट्रस्ट” और उत्तर प्रदेश की बदलती कार्य संस्कृति, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर व निवेश अनुकूल माहौल का प्रमाण है. मुख्यमंत्री योगी ने यहाँ टाटा मोटर्स की औद्योगिक उपलब्धियों की ही बात नहीं की, बल्कि कार्य संस्कृति के मूल मंत्र को भी प्रमुखता से सामने रखा.
उन्होंने कहा कि किसी भी समूह या संस्थान की सफलता का आधार टीमवर्क, कृतज्ञता और ईमानदारी है. हर कार्मिक को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी प्रतिबद्धता के साथ करना चाहिए, क्योंकि यही भाव लंबे समय में व्यक्तिगत और संस्थागत प्रगति सुनिश्चित करता है.
किसी भी संगठन को मजबूत बनाए रखने के लिए बाहरी हस्तक्षेप से बचना बेहद आवश्यक है, लेकिन यह भी समझना चाहिए बिगाड़ने वाले बहुत मिलते हैं, लेकिन बनाने वाले बहुत कम होते हैं, इसलिए हर कर्मचारी की जिम्मेदारी है कि वह संगठन को परिवार की तरह समझे, उसकी एकता और विश्वास को बनाए रखे तथा सकारात्मक कार्य संस्कृति को आगे बढ़ाए.
किसी भी स्थिति में बाहरी तत्वों को समूह या प्लांट के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. यह कहते हुए सीएम योगी ने टाटा ग्रुप की कार्य संस्कृति का उल्लेख भी किया. उन्होने कहा कि यह समूह अपने कार्मिकों के साथ परिवार जैसा संबंध रखता है, और इसी पारिवारिक भावना को बनाए रखते हुए संगठन को मजबूती के साथ आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है.
इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश का मजबूत केंद्र बना यूपी
मुख्यमंत्री योगी ने यह भी कहा कि 9 वर्ष पहले उत्तर प्रदेश पहचान के संकट, खराब कनेक्टिविटी और सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा था, जहां सड़क और गड्ढे में अंतर करना तक मुश्किल होता था और निवेशक आने से हिचकते थे. आज यूपी ने एक नई दिशा प्राप्त की है, प्रदेश में इस समय देश के कुल एक्सप्रेसवे का लगभग 55% हिस्सा मौजूद है.
गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन इसी माह प्रधानमंत्री जी के कर-कमलों से किया जाना प्रस्तावित है. राज्य में जिला स्तर तक फोर-लेन व टू-लेन कनेक्टिविटी का जाल बिछाया जा चुका है. साथ ही एयर कनेक्टिविटी में भी ऐतिहासिक सुधार हुआ है,जहां पहले केवल दो एयरपोर्ट सक्रिय थे, वहीं आज 16 एयरपोर्ट क्रियाशील हैं और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसा विश्वस्तरीय प्रोजेक्ट भी तैयार है. इन उपलब्धियों को गिनाने के बाद सीएम योगी ने लांच की गई टाटा मोटर्स की बस में सवारी भी की। और पूरे प्लांट का अवलोकन किया.
