ट्रेनों पर पथराव के 400 से अधिक मामले में जीआरपी में दर्ज, यूपी में ट्रेनों पर पथराव जानलेवा अपराध, होगी उम्रकैद?
By राजेंद्र कुमार | Updated: May 2, 2026 17:36 IST2026-05-02T17:34:28+5:302026-05-02T17:36:09+5:30
ट्रेनों पर पथराव करने के लंबित 400 मामलों में से 60 टाप मामलों में दोषियों को उम्र कैद की सजा दिलवाने का अभियान चलाया जाएगा.

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लखनऊः उत्तर प्रदेश में ट्रेनों पर पथराव के बढ़ रहे मामले राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के लिए परेशानी का सबब बनते जा रहे हैं. प्रदेशभर में ट्रेनों पर पथराव के 400 से अधिक मामले दर्ज हैं. और हर हफ्ते इनकी संख्या में इजाफा हो रहा है. ऐसे में अब ये तय हुआ है कि ट्रेनों पर पत्थर फेंकने को सिर्फ शरारत नहीं बल्कि जानलेवा अपराध की रूप में देखा जाएगा.
इस फैसले के तहत यूपी में ट्रेनों पर पथराव और तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ जीआरपी सख्त पैरवी कर गंभीर मामलों में उम्रकैद की सजा दिलवाने का प्रयास करेगी. इसके चलते ही सूबे की डीजी रेलवे प्रकाश डी ने यह तय किया है कि प्रदेश भर में ट्रेनों पर पथराव करने के लंबित 400 मामलों में से 60 टाप मामलों में दोषियों को उम्र कैद की सजा दिलवाने का अभियान चलाया जाएगा.
ट्रेनों पर पथराव रेलवे एक्ट की धारा 152 के तहत गंभीर अपराध
प्रकाश डी के मुताबिक, चलती ट्रेन पर पत्थर फेंकना किसी की जान ले सकता है. इसलिए अब ट्रेनों पर पथराव को जानलेवा अपराध मानते हुए ऐसे मामलों में सख्ती करने का फैसला किया गया है. इसके चलते यूपी में ऐसे मामलों में दोषियों को कड़ी सजा करवाने पर फोकर होगा ताकि दूसरे ऐसी हरकत करने की हिम्मत न करे.
इसके लिए यूपी के सभी छह जीआरपी अनुभागों को निर्देश दिये गए हैं कि अपने-अपने क्षेत्र के ट्रेनों पर पथराव की 10-10 शीर्ष मामलों की प्राथमिकता से पैरवी कर दोषियों को रेलवे एक्ट की धारा 152 के तहत आजीवन कारावास की सजा दिलवाएं. प्रकाश डी के अनुसार, ट्रेनों पर पथराव के जो अत्यंत गंभीर प्रकृति के मामले हैं उनमें इस धारा के मुताबिक साक्ष्य जुटाए जाएंगे, ताकि दोषियों को सजा दिलाई जा सके.
डीजी रेलवे के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति ने दुर्भावनापूर्ण तरीके से ट्रेन पर पत्थर या कोई अन्य वस्तु फेकता है, या उसे मारता है, जिससे ट्रेन में यात्रा कर रहे किसी व्यक्ति की सुरक्षा खतरे में पड़ती है या उसे चोट लगती है. तो इस अपराध के लिए दोषी को आजीवन कारावास या 10 साल तक की कैद हो सकती है.
चलती ट्रेन पर पत्थर फेकना रेल यात्रियों की जान जोखिम में डालने वाले एक गंभीर आपराधिक कृत्य माना जाता है. जिसके चलते की यूपी में ऐसे अपराधों की नई रणनीति के तहत विवेचना करने और दोषियों को सजा दिलवाने के लक्ष्य तय किए गए हैं. अब ऐसे आपराधिक मामलों में समय पर चार्जशीट अदालत में दाखिल करने और मजबूत साक्ष्य तथा प्रभावी बहस पर ज़ोर रहेगी ताकि दोषी को सजा दिलवाई जा सके.