क्या ममता बनर्जी ने कानूनी तौर पर वकालत की? बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने 48 घंटों के भीतर जवाब मांगा
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: May 14, 2026 18:20 IST2026-05-14T18:05:49+5:302026-05-14T18:20:38+5:30
पत्र में, बीसीआई ने पश्चिम बंगाल बार काउंसिल के सचिव को बनर्जी के वकील के रूप में पंजीकरण से संबंधित पूरी जानकारी और 2011 से 2026 तक उनके मुख्यमंत्री पद पर रहने के दौरान और उसके बाद वकालत के संबंध में विवरण दो दिन के भीतर भेजने का निर्देश दिया।

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नई दिल्लीः बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने बृहस्पतिवार को पश्चिम बंगाल बार काउंसिल से पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पंजीकरण और पेशेवर वकालत की स्थिति के संबंध में 48 घंटों के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट भेजने को कहा। इससे पहले बनर्जी वकील का गाउन पहनकर कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक मामले में पेश हुईं। उन्होंने चुनाव बाद हुई हिंसा और पार्टी कार्यालयों पर हमलों से जुड़े मामले में दलीलें दीं। प्रचलित प्रथा के अनुसार, कोई भी व्यक्ति, जो संवैधानिक पद पर है या लाभकारी रूप से नियोजित है, उसे अपना बार लाइसेंस सेवा के दौरान निलंबित करवाना पड़ता है।
The Bar Council of India has sought factual information from the West Bengal State Bar Council regarding the enrolment and practice status of former Chief Minister Mamata Banerjee, following her appearance before the Calcutta High Court wearing advocate's robes. The BCI has… pic.twitter.com/ZbvXdJaa2i
— IANS (@ians_india) May 14, 2026
#WATCH | Delhi | BJP MP and Bar Council of India Chairman, Manan Kumar Mishra, says, "When she (Mamata Banerjee) came to the Supreme Court regarding the SIR matter, she wasn't in a lawyer's attire. But today, when she came to court in the post-poll violence matter, she came in a… pic.twitter.com/q76DIbHGyX
— ANI (@ANI) May 14, 2026
फिर से वकालत करने के लिए इसे पुनः सक्रिय कराना होता है। एक पत्र में, बीसीआई ने पश्चिम बंगाल बार काउंसिल के सचिव को बनर्जी के वकील के रूप में पंजीकरण से संबंधित पूरी जानकारी और 2011 से 2026 तक उनके मुख्यमंत्री पद पर रहने के दौरान और उसके बाद वकालत के संबंध में विवरण दो दिन के भीतर भेजने का निर्देश दिया।
बीसीआई के प्रधान सचिव श्रीरामंतो सेन द्वारा जारी किए गए पत्र में कहा गया है कि बार काउंसिल ने ‘‘मीडिया में आई उन खबरों’’ का संज्ञान लिया है जिनमें दावा किया गया कि बनर्जी अदालत में कानूनी पोशाक में पेश हुईं। पत्र में कहा गया है, ‘‘ममता बनर्जी ने 2011 से 2026 तक पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया।
उक्त अवधि के दौरान उनके संवैधानिक सार्वजनिक पद को ध्यान में रखते हुए और इस समय पर इस बात पर कोई राय व्यक्त किए बिना कि ऐसी उपस्थिति की अनुमति है या नहीं, बीसीआई को उनके पंजीकरण, वकालत, निलंबन और पुनः प्रारंभ की तथ्यात्मक स्थिति आपके रिकॉर्ड से सत्यापित करने की आवश्यकता है।’’