Nashik TCS Case: मामले में आया नया मोड़, आरोपी निदा खान का प्रेग्नेंसी ट्रीटमेंट और मेडिकल लीव लेटर जांच के दायरे में

By रुस्तम राणा | Updated: April 18, 2026 23:00 IST2026-04-18T23:00:29+5:302026-04-18T23:00:29+5:30

अब जांचकर्ता उनके हालिया प्रेग्नेंसी ट्रीटमेंट और घटना से कुछ समय पहले मिले मेडिकल लीव लेटर की बारीकी से जांच कर रहे हैं। इस खुलासे को चल रही जांच में एक संभावित अहम कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।

Nashik TCS Case: New Twist As Accused Nida Khan’s Pregnancy Treatment And Medical Leave Letter Come Under Scanner | Nashik TCS Case: मामले में आया नया मोड़, आरोपी निदा खान का प्रेग्नेंसी ट्रीटमेंट और मेडिकल लीव लेटर जांच के दायरे में

Nashik TCS Case: मामले में आया नया मोड़, आरोपी निदा खान का प्रेग्नेंसी ट्रीटमेंट और मेडिकल लीव लेटर जांच के दायरे में

नासिक: हाई-प्रोफाइल टीसीएस मामले में एक नया मोड़ आया है, जिसमें 26 साल की आईटी प्रोफेशनल निदा एजाज़ खान (शादी के बाद, निदा मोइन नावेद खान) शामिल हैं। अब जांचकर्ता उनके हालिया प्रेग्नेंसी ट्रीटमेंट और घटना से कुछ समय पहले मिले मेडिकल लीव लेटर की बारीकी से जांच कर रहे हैं। इस खुलासे को चल रही जांच में एक संभावित अहम कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।

जांचकर्ता कर रहे हैं मेडिकल सलाह और लीव लेटर की जांच 

जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, निदा ने घटना से कुछ ही दिन पहले प्रेग्नेंसी से जुड़ी मेडिकल सलाह ली थी और काम से अपनी गैर-हाज़िरी को सही ठहराने के लिए एक डॉक्टर से मेडिकल लीव लेटर भी हासिल किया था। अधिकारी अब इस बात की बारीकी से जांच कर रहे हैं कि यह दस्तावेज़ जांच के दायरे में आने वाली घटनाओं के क्रम से कैसे जुड़ा हो सकता है।

रहने की जगह और क्लिनिक जाने का विवरण

निदा, मुंब्रा के अमृत नगर में दरगाह रोड पर स्थित गार्डन एवेन्यू बिल्डिंग के बी-विंग, फ्लैट नंबर 102 में रह रही थी। 13 अप्रैल को, कथित तौर पर वह वाई (Y) जंक्शन के पास स्थित एक स्त्री रोग विशेषज्ञ के क्लिनिक गई थी, जो उसके घर से लगभग दो किलोमीटर दूर है।

डॉक्टर ने कंसल्टेशन की जानकारी की पुष्टि की

कंसल्टेंट गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. शुमैला आज़मी ने पुष्टि की कि निदा दूसरी बार उनके क्लिनिक आई थीं। कंसल्टेशन के बारे में बात करते हुए, डॉ. आज़मी ने बताया कि मरीज़ ने पेट दर्द और ऑफिस के काम करने में दिक्कत की शिकायत की थी। उन्होंने यह भी बताया कि इस विज़िट से पहले ही निदा का प्रेग्नेंसी टेस्ट पॉज़िटिव आ चुका था।

डॉ. आज़मी ने कहा, "13 अप्रैल को वह किसी भी दूसरे मरीज़ की तरह ही आई थीं, उनका रूटीन चेक-अप हुआ, और उन्हें ज़रूरी इलाज बताया गया।"

छुट्टी की अर्ज़ी और सर्टिफिकेट जारी किया गया

डॉक्टर ने आगे बताया कि जांच के बाद, निदा ने अपनी हालत का हवाला देते हुए दो हफ़्ते की मेडिकल छुट्टी के लिए एक लेटर मांगा। हालांकि, उनके क्लिनिकल असेसमेंट के आधार पर, डॉ. आज़मी ने सिर्फ़ एक हफ़्ते का छुट्टी का सर्टिफिकेट जारी किया।

उन्होंने साफ़ किया, "मुझे इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि इस दस्तावेज़ को बाद में किसी कानूनी मामले से जोड़ा जा सकता है। यह एक रूटीन मेडिकल रिक्वेस्ट थी।"

कोई फ़ॉलो-अप विज़िट नहीं, डॉक्टर से अभी तक पूछताछ नहीं हुई

डॉ. आज़मी ने यह भी पुष्टि की कि 13 अप्रैल, सोमवार की विज़िट के बाद निदा किसी भी फ़ॉलो-अप कंसल्टेशन के लिए वापस नहीं आईं। अब तक, न तो पुलिस और न ही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने इस मामले के संबंध में डॉक्टर से औपचारिक रूप से पूछताछ की है।

जांच में मेडिकल दस्तावेज़ की भूमिका की पड़ताल

जांच एजेंसियां ​​इस समय उन परिस्थितियों की जांच कर रही हैं जिनके तहत मेडिकल छुट्टी के पत्र का इस्तेमाल किया गया था, और यह भी देख रही हैं कि क्या इस पत्र ने पूरे मामले की कहानी में कोई भूमिका निभाई है। इस ताज़ा खुलासे ने जांच को एक नया आयाम दे दिया है, जिससे आने वाले दिनों में और भी महत्वपूर्ण निष्कर्ष सामने आने की संभावना बढ़ गई है।

Web Title: Nashik TCS Case: New Twist As Accused Nida Khan’s Pregnancy Treatment And Medical Leave Letter Come Under Scanner

भारत से जुड़ीहिंदी खबरोंऔर देश दुनिया खबरोंके लिए यहाँ क्लिक करे.यूट्यूब चैनल यहाँ इब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट. सोशल से जुड़ने के लिए हमारा Facebook Pageलाइक करे

टॅग्स :TCS