Pharmacy Strike Today: आज बंद रहेंगी दवा दुकानें! आज देशव्यापी हड़ताल पर रहेंगे दवा विक्रेता, मरीजों की बढ़ सकती है परेशानी

By अंजली चौहान | Updated: May 20, 2026 09:26 IST2026-05-20T09:26:06+5:302026-05-20T09:26:14+5:30

Pharmacy Strike Today: ऑल-इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स का कहना है कि नियामक खामियों के कारण ई-फार्मेसी बिना पर्याप्त निगरानी के काम कर रही हैं, जिसके चलते देशव्यापी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

Pharmacy Strike Today Chemists will be on nationwide strike today potentially increasing patient distress | Pharmacy Strike Today: आज बंद रहेंगी दवा दुकानें! आज देशव्यापी हड़ताल पर रहेंगे दवा विक्रेता, मरीजों की बढ़ सकती है परेशानी

Pharmacy Strike Today: आज बंद रहेंगी दवा दुकानें! आज देशव्यापी हड़ताल पर रहेंगे दवा विक्रेता, मरीजों की बढ़ सकती है परेशानी

Pharmacy Strike Today: आझ यानी 20 मई को पूरे देश में फार्मेसी विक्रेताओं ने हड़ताल का ऐलान किया है। केमिस्टों ने ऑनलाइन फार्मेसियों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए दवाओं की बढ़ती बिक्री के विरोध में बुधवार को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। 

'ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स' (AIOCD) के नेतृत्व में हो रहे इस आंदोलन से दवाओं की सप्लाई में रुकावट आने की आशंका है, क्योंकि 12.4 लाख से ज्यादा निजी मेडिकल स्टोर बंद रहने की संभावना है।

केमिस्ट एसोसिएशनों ने आरोप लगाया है कि कई ई-फार्मेसी प्लेटफ़ॉर्म बिना किसी उचित रेगुलेटरी निगरानी के दवाएँ बेच रहे हैं। उनका दावा है कि अक्सर डॉक्टर के पर्चे (प्रिस्क्रिप्शन) की ठीक से जाँच नहीं की जाती और दवाओं के भंडारण और डिलीवरी से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन नहीं किया जाता, जिससे मरीज़ों की सुरक्षा और गुणवत्ता नियंत्रण को लेकर चिंताएँ बढ़ गई हैं। विरोध करने वाले समूहों ने चेतावनी दी है कि ऑनलाइन दवाओं की बिक्री के बेरोकटोक विस्तार से नकली दवाओं, दवाओं के गलत इस्तेमाल और डॉक्टर के पर्चे पर मिलने वाली दवाओं की अनाधिकृत बिक्री का जोखिम बढ़ सकता है।

फार्मासिस्टों ने बिना उचित जाँच-पड़ताल के ऑनलाइन नशीले पदार्थों और 'शेड्यूल H' दवाओं की आसानी से उपलब्धता जैसे मुद्दों को उठाया है; उनका कहना है कि इससे दवाओं का गलत इस्तेमाल बढ़ रहा है और समाज को नुकसान पहुँच रहा है।

फार्मेसी विशेषज्ञों के अनुसार, पारंपरिक केमिस्ट 'ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट' के सख्त प्रावधानों के तहत काम करते हैं, जिसके तहत डॉक्टर के पर्चे की जाँच करना और बेची जाने वाली दवाओं की मात्रा को सीमित रखना अनिवार्य है। इसके विपरीत, उनका दावा है कि ई-फार्मेसियों में अक्सर ऐसी सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमी होती है।

'बिहार केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन' से जुड़े रवि कुमार ने इस बात पर ज़ोर दिया कि मरीज़ों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन और ऑफ़लाइन, दोनों तरह की फार्मेसियों पर एक जैसे नियम लागू होने चाहिए। 'बिहार केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन' के अध्यक्ष प्रसन्ना कुमार सिंह ने कहा कि कई दवाओं को सख्त तापमान-नियंत्रित भंडारण (कोल्ड चेन) की ज़रूरत होती है, जिसमें कूरियर सेवाओं के ज़रिए ऑनलाइन डिलीवरी के दौरान अक्सर कोताही बरती जाती है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी चूकों से दवाओं की प्रभावशीलता कम हो सकती है और कुछ मामलों में वे नुकसानदायक भी साबित हो सकती हैं।

इस बीच, 'प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना' (PMBJP) केंद्र खुले रहेंगे, जिससे दवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित होगी। यह फ़ैसला 'PMBJK रिटेलर एसोसिएशन' ने लिया, जिसने मंगलवार को घोषणा की कि मरीज़ों को होने वाली असुविधा से बचाने के लिए जनऔषधि केंद्र काम करते रहेंगे, विशेष रूप से AIIMS और पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल जैसे बड़े अस्पतालों में।

Web Title: Pharmacy Strike Today Chemists will be on nationwide strike today potentially increasing patient distress

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