लगातार 4 हार से टूटे माननीय?, NDA में फूट, 47 में से 30 अन्नाद्रमुक विधायक विजय को किया समर्थन?, वीडियो
By सतीश कुमार सिंह | Updated: May 12, 2026 11:39 IST2026-05-12T10:37:29+5:302026-05-12T11:39:59+5:30
एआईएडीएमके के एक गुट ने मंगलवार को मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की तमिलगा वेत्री कषगम के नेतृत्व वाले तमिलनाडु के सत्तारूढ़ गठबंधन को अपना समर्थन दिया।

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चेन्नई: ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के वरिष्ठ विधायकों एसपी वेलुमणि और सीवी षणमुगम के नेतृत्व वाले धड़े ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार को समर्थन देने का निर्णय लिया है। षणमुगम ने कहा कि वे आज दोपहर मुख्यमंत्री विजय से मिलकर उनकी सरकार को समर्थन देने के लिए पत्र सौंपे। तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में अन्नाद्रमुक ने 47 सीटें जीतीं। सूत्रों ने कहा कि 30 विधायकों ने विजय को समर्थन दे रहे हैं। इसके साथ ही टीटीवी दिनाकरण विधायक कामराज ने भी समर्थन दिया है।
Chennai, Tamil Nadu: AIADMK leader CV Shanmugam says, "Edappadi K Palaniswami had proposed that he would become Chief Minister with the support of the DMK; however, the majority of the legislators did not accept this proposal. Consequently, the AIADMK is not in an alliance with… pic.twitter.com/NhwVZNHYyt
— ANI (@ANI) May 12, 2026
#WATCH | Chennai | AIADMK leader CV Shanmugam arrives at the Tamil Nadu Legislative Assembly
— ANI (@ANI) May 12, 2026
He announced that AIADMK would extend support to the Vijay-led TVK government and the majority of the legislative party members elected SP Velumani as the Floor Leader of the AIADMK… pic.twitter.com/nSg8a2O2tt
#WATCH | Chennai, Tamil Nadu | TVK MLA JCD Prabhakar elected as the Speaker of the Tamil Nadu Legislative Assembly.
— ANI (@ANI) May 12, 2026
(Source: TNDIPR) pic.twitter.com/CmDYBmbqkj
उन्होंने यह भी दावा किया कि पार्टी महासचिव एडप्पाडी के पलानीस्वामी सरकार बनाने के लिए द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) को समर्थन देना चाहते थे। उन्होंने कहा, “हमने उनके (पलानीस्वामी के) इस फैसले का विरोध किया क्योंकि अन्नाद्रमुक का गठन ही द्रमुक को हराने के लिए किया गया था।” षणमुगम ने यह भी मांग की कि पलानीस्वामी को तुरंत पार्टी की महापरिषद की बैठक बुलानी चाहिए।
षणमुगम ने पिछले एक दशक में अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम को मिली चुनावी हारों का हवाला दिया। तीन हार कट्टर प्रतिद्वंद्वी द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम के हाथों और चौथी हार पिछले महीने टीवीके के हाथों है। उन्होंने एआईएडीएमके प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पाडी के पलानीस्वामी की भी आलोचना की।
जिन्होंने डीएमके के साथ गठबंधन पर विचार किया था। हमने डीएमके के विरोध में इस पार्टी की स्थापना की थी। 53 वर्षों तक हमारी राजनीति डीएमके के विरुद्ध रही। इसी को देखते हुए डीएमके के समर्थन से एआईएडीएमके सरकार बनाने का प्रस्ताव खारिज कर दिया गया था... अगर हम ऐसा गठबंधन बनाते, तो एआईएडीएमके का अस्तित्व ही समाप्त हो जाता।