Mauni Amavasya 2026 Upay: जीवन में सुख-शांति और धन-वैभव पाने के लिए मौनी अमावस्या पर करें ये 5 आसान उपाय
By रुस्तम राणा | Updated: January 18, 2026 07:06 IST2026-01-18T07:03:50+5:302026-01-18T07:06:33+5:30
शुभ संयोग ये है कि मौनी माघ (माघ अमावस्या) के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। इस अवधि में स्नान-दान और तर्पण करने से कई गुना अधिक फलों की प्राप्ति हो सकती है।

Mauni Amavasya 2026 Upay: जीवन में सुख-शांति और धन-वैभव पाने के लिए मौनी अमावस्या पर करें ये 5 आसान उपाय
Mauni Amavasya 2026 Upay: आज (रविवार, 18 जनवरी) मौनी अमावस्या है। शुभ संयोग ये है कि मौनी माघ (माघ अमावस्या) के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। इस अवधि में स्नान-दान और तर्पण करने से कई गुना अधिक फलों की प्राप्ति हो सकती है। इसलिए इस दिन संगम नगरी प्रयागराज सहित सभी पवित्र नदियों में स्नान करने के लिए लाखों श्रद्धालुओं पहुंचे हैं।
शास्त्रों में ऐसी मान्यता है कि इस दिन मौन व्रत करने से ज्ञान की प्राप्ति एवं अच्छे स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। साथ ही देवगण एवं पितृगण का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस दिन पितृ दोष एवं काल सर्प दोष से जुड़े उपाय करने से जातकों को अनेकानेक लाभ प्राप्त होते हैं। आप भी ये उपाय कर इस शुभ अवसर का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। ये उपाय इस प्रकार हैं-
मौनी अमावस्या पर करें ये 5 आसान उपाय
1. मौनी अमावस्या के दिन प्रातः काल स्नान करके। गरीब लोगों में दान करना चाहिए। शिवमंदिर में जाकर आराधान करना चाहिए। पूजा के बाद शिवजी से पितृ दोष से मुक्ति और जीवन में सुख, शांति एवं उन्नति के लिए प्रार्थना करना चाहिए।
2. मौनी अमावस्या को गंगा स्नान या घर पर बाल्टी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर लें। उसके बाद अपने समस्त पितरों का स्मरण करें। उनको जल में काला तिल मिलाकर तर्पण दें। तर्पण पाकर पितर खुश होते हैं। ऐसा करने से पितृ दोष दूर होता है।
3. कुंडली में कालसर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए मौनी अमावस्या पर पितरों की आत्म तृप्ति के लिए पिंडदान, श्राद्ध कर्म आदि करना चाहिए। इसके पश्चात ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिए। यह उपाय करने से कुंडली में कालसर्पदोष का प्रभाव कम होता है।
4. मौनी अमावस्या के दिन पितरों के तर्पण हेतु भोजन की व्यवस्था करनी चाहिए और फिर श्राद्ध कर्म के बाद कुत्ता और कौआ को उस भोजन का अंश दना चाहिए। उनके भोजन ग्रहण करने से पितर तृप्त होते हैं।
5. पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए माघी अमावस्या की शाम को किसी मंदिर के पास वाले पीपल के पेड़ की जड़ में जल और गाय का कच्चा दूध चढ़ाएं। उसके बाद सरसों के तेल का दीपक जला दें। यह उपाय करने से आपको लाभ प्राप्त होगा।