हिन्दू पंचांग के अनुसार एक साल में कुल 24 एकादशियां पड़ती हैं। सभी एकादशियों में भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण निर्जला एकादशी का व्रत है। इसके करने से सभी एकादशियों का फल साधक को मिलता है। ऐसी भी मान्यता है कि निर्जला एकादशी को महाभारत काल में पांडु पुत्र भीम ने किया था। इसलिए इसे भीम एकादशी भी कहते हैं। Read More
Rangbhari Ekadashi 2026: रंगभरी या आमलकी एकादशी 27 फरवरी, 2026 को फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष में, होली उत्सव से पहले मनाई जाएगी। यह दिन भगवान विष्णु की पूजा और उपवास के लिए समर्पित है। भक्त विशेष तुलसी अनुष्ठान करते हैं, जिनमें दीपक जलाना और मंत्र ...
फरवरी माह माघ पूर्णिमा से लेकर विजया एकादशी, जानकी जयंती, महाशिवरात्रि, सूर्य ग्रहण, आमलकी एकादशी से लेकर होलाष्टक पड़ने वाला है। इसके अलावा कई बड़े ग्रह-गोचर का निर्माण हो रहा है। ...
इस महीने मकर संक्रांति (जो धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पर्व है) और लोहड़ी पर्व मनाया जाएगा। मकर संक्रांति के दिन स्नान-दान का महत्व होता है, तो वहीं लोहड़ी पंजाब और उत्तरी भारत का महत्वपूर्ण लोक सांस्कृतिक पर्व है। ...
साल 2025 का समापन एक अत्यंत पावन तिथि के साथ होने जा रहा है। यह दिन है पौष पुत्रदा एकादशी, जो न सिर्फ वर्ष की अंतिम एकादशी है, बल्कि संतान सुख और सौभाग्य प्रदान करने वाली मानी जाती है। ...
मान्यता है कि एकादशी का व्रत रखने से पापों का नाश होता है और व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। पुराणों के अनुसार एकादशी व्रत सभी व्रतों में श्रेष्ठ माना गया है। नए साल 2026 के सभी एकादशी व्रतों की तारीख का जानने के लिए देखें एकादशी व्रत कैलेंडर ...
कामिका एकादशी का व्रत आध्यात्मिक शांति, पुण्य लाभ और प्रभु कृपा पाने का सुनहरा अवसर है। इस दिन भगवान विष्णु की भक्ति और सेवा से जीवन की कठिनाइयों का समाधान पाया जा सकता है। ...
वर्ष 2025 में चतुर्मास 6 जुलाई से शुरू होकर 2 नवंबर को समाप्त होगा। इस दौरान भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं और किसी भी शुभ कार्य की मनाही मानी जाती है। ...