गुरू तेग बहादुर सिखों के नौवें गुरु थे। उनका जन्म 1 अप्रैल, 1621 में हुआ था। उन्होंने गुरु नानक के बताए गए मार्ग का अनुसरण किया, जोकि सिखों के प्रथम गुरु थे। 1675 में मुगल शासक औरंगजेब ने गुरू तेग बहादुर को इस्लाम कबूल करने का फरमान सुनाया था। ऐसा करने से उन्होंने मना कर दिया था, जिसके बाद औरंगजेब ने उनका सिर कलम करवा दिया था। Read More
अगस्त 2025 में इसी महान सदन में श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350 वें बलिदान दिवस को मनाने का सर्व समिति से लिया गया संकल्प, श्री गुरु तेग़ बहादुर जी का जीवन और बलिदान भारतीय सभ्यता की उस आत्मा का प्रतीक देश में सत्ता धर्म के लिए स्वयं को न्योछावर किया ...
मंगलवार से शुरू हुई यह यात्रा 24 नवंबर को कुरुक्षेत्र पहुंचेगी। जबकि 25 नवंबर को इसी कड़ी में कुरुक्षेत्र में राज्य स्तरीय शहीदी दिवस समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि होंगे। ...
हरियाणा विधानसभा ने आज श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया। यह प्रस्ताव हरियाणा विधानसभा के चल रहे मानसून सत्र के दौरान मुख्यमंत्री श्री नायब स ...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत ने कभी किसी देश या समाज के लिए खतरा पैदा नहीं किया। आज भी हम पूरे विश्व के कल्याण के लिए सोचते हैं। एक ही कामना करते हैं। हम आत्मनिर्भर भारत की बात करते हैं, तो उसमें पूरे विश्व की प्रगति लक्ष्य को सामने रखकर ...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सैकड़ों काल की गुलामी से मुक्ति को, भारत की आजादी को, भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक यात्रा से अलग करके नहीं देखा जा सकता। इसलिए आज देश आजादी के अमृत महोत्सव को और गुरु तेग बहादुर साहिब के 400वें प्रकाश पर्व को ए ...
गुरु तेग बहादुर के 400वें प्रकाश पर्व कार्यक्रम का आयोजन आजादी का अमृत महोत्सव समारोह के तहत आयोजित किया जा रहा है। सूर्यास्त के बाद लाल किले से संबोधित करने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। ...