चन्द्रग्रहण उस खगोलीय घटना को कहते हैं जब चंद्रमा पृथ्वी से ठीक पीछे उसकी प्रच्छाया में चला जाता है। इस दौरान सूर्य, पृथ्वी और चन्द्रमा एक ही क्रम में लगभग सीधी रेखा में आ जाते हैं। विज्ञान के इतर हिन्दू धर्म में ज्योतिष शास्त्र की चन्द्रग्रहण की अपनी एक परिभाषा है जिसके अनुसार चंद्रमा के आगे राहु-केतु नाम की खगोलीय बिंदु बन जाती है। राहु-केतु ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक छाया ग्रह हैं। इनके प्रभाव से व्यक्ति विशेष पर बुरा असर पड़ता है इसलिए शास्त्रों में ग्रहण से बचने के लिए विभिन्न उपाय दर्ज हैं। Read More
साल 2026 का पहला चंद्रग्रहण अब समाप्त हो गया है, फाल्गुन पूर्णिमा के दिन ये चंद्रग्रहण शाम 6 बजकर 47 मिनट पर खत्म हुआ। ये चंद्रग्रहण पूरे 3 घंटे 27 मिनट तक चला। ...
चंद्र ग्रहण एक खगोलीय घटना है, जो तब घटित होती है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है। इस स्थिति में पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। चंद्र ग्रहण केवल पूर्णिमा के दिन ही होता है। ...
भारत में चंद्र ग्रहण का प्रारंभ दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर होगा और समापन शाम 6 बजकर 46 मिनट पर होगा। चंद्र ग्रहण का सूतक काल सुबह 9 बजकर 20 मिनट से शुरू होगा और इसका समापन शाम 6 बजकर 46 मिनट पर होगा। ...
Lunar Eclipse 2026: यहाँ इस बात पर गहराई से नज़र डाली गई है कि ब्रह्मांड ने यह दुर्लभ "हैट-ट्रिक" कैसे की और क्यों 2026 का ग्रहण परंपराओं को इस तरह से तोड़ेगा जैसा कि पिछले दो ग्रहणों ने नहीं किया था। ...