प्रमोद भार्गव वरिष्ठ पत्रकार व साहित्कार हैं। वे जनसत्ता से लेकर हंस तक कई पत्र-पत्रिकाओं में लेखन का काम कर चुके हैं। 'भाषा और भाषाई शिक्षा के बुनियादी सवाल' और 'मीडिया का बदलता स्वरूप' प्रमोद भार्गव की प्रमुख किताबों के लेखक हैं।Read More
रोटी, कपड़ा और मकान के सभी साधन उपलब्ध हैं, मुफ्त योजनाओं का लाभ वे भी बटोरने में लगे हैं. मतदाता को पराश्रित बनाकर राज्य सरकारें खुद को खोखला करने में लगी हैं. ...
प्रशिक्षित नाबालिगों को बाद में आतंकवादी संगठनों और नफरत फैलाने वाले समूहों में भर्ती करा दिया जाता है, जिससे ये आतंक और नफरत फैलाने के औजार बन जाएं. ...
भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद अगले वित्त वर्ष में भारत के तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाने की बुनियाद रख दी है. इस समय भारत उद्योग, प्रौद्योगिकी और दवाओं के कच्चे माल के लिए चीन पर निर्भर है, ...
रिपोर्ट में उल्लेख है कि हरियाणा की 8.2 प्रतिशत भूमि मरुस्थलीकरण के दायरे में है, क्योंकि 2019 तक ही अरावली का लगभग 5.77 लाख हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र उत्खनन से तबाह हो चुका था. ...