नेपाल सरकारः बात का इतना बतंगड़ बनाने की जरूरत क्या है?

By लोकमत समाचार सम्पादकीय | Updated: April 25, 2026 05:36 IST2026-04-25T05:36:41+5:302026-04-25T05:36:41+5:30

Nepal Government: कस्टम विभाग की नकेल कसी कि अब जो भी सामान लाया जाएगा, उस पर कस्टम ड्यूटी देनी होगी.

Nepal Government What need make such big issue | नेपाल सरकारः बात का इतना बतंगड़ बनाने की जरूरत क्या है?

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Highlightsनेपाल के लोग सीमा पार करके भारतीय बाजारों में आकर खरीदारी करते थे.अपने देश के लोगों से कस्टम ड्यूटी वसूल रहे हैं.बालेंद्र के कदम को भारत विरोधी कहा जा रहा है.

Nepal Government:नेपाल सरकार ने सीमा पार से 100 नेपाली रुपए से ज्यादा कीमत लाने पर कस्टम ड्यूटी को सख्ती से लागू कर दिया है. इसे लेकर लेकर हंगामा हो रहा है. आम लोग विरोध कर रहे हैं क्योंकि भारतीय सीमा में उन्हें जरूरत की चीजें अपेक्षाकृत कम कीमत पर मिल जाती थीं. वैसे ध्यान देने  वाली बात  यह है कि कस्टम का यह कानून नया नहीं है. यह पहले भी था लेकिन नेपाल का कस्टम विभाग चुपचाप ही रहता था. जाहिर सी बात है कि  कस्टम की चुप्पी के कारण नेपाल के लोग सीमा पार करके भारतीय बाजारों में आकर खरीदारी करते थे.

इससे भारतीय सीमा के बाजार काफी फले-फूले लेकिन नेपाली सीमा के भीतर के बाजारों में रौनक नहीं थी. बालेंद्र शाह ने सरकार संभालने के बाद उन सभी रास्तों को तलाशना शुरू किया है जिन पर चल कर नेपाल की अर्थव्यवस्था को सुधारा जा सके. यह उनका दायित्व भी है. उन्होंने कस्टम विभाग की नकेल कसी कि अब जो भी सामान लाया जाएगा, उस पर कस्टम ड्यूटी देनी होगी.

स्वाभाविक सी बात है कि वे अपने देश के लोगों से कस्टम ड्यूटी वसूल रहे हैं. किसी भारतीय व्यापारी या ग्राहक से शुल्क नहीं वसूल रहे. उनके कदम का नेपाल में विरोध हो रहा है तो यह उनका आंतरिक मामला है. उससे भारत के लोगों को कोई मतलब नहीं होना चाहिए लेकिन हो यह रहा है कि बालेंद्र के कदम को भारत विरोधी कहा जा रहा है.

बालेंद्र शाह नेपाल की सरकार चला रहे हैं तो वे नेपाल के लोगों की भलाई ही सोचेंगे. वे सीमा पर बसे शहरों के व्यापारियों के हितों के बारे में क्यों सोचेंगे? हां, यह सही है कि दशकों से सीमा पर भारतीय बाजारों और नेपाली बाजारों में कोई भेद नहीं रहा है.

यदि कोई चीज नेपाल में सस्ती मिल रही है तो भारतीय ग्राहक वहां जाकर खरीद लेते थे और कोई चीज भारत में सस्ती मिल रही है तो नेपाली लोग भारत आकर खरीदारी करते थे. चूंकि भारत-नेपाल सीमा पर रोटी-बेटी का संबंध रहा है इसलिए नेपाल सरकार की कस्टम सख्ती से बहुत सारे लोग प्रभावित हो रहे हैं. दोनों देश मिलकर इसका कोई समाधान निकालें तो अच्छी बात है.

दोनों के बीच अच्छे संबंध होने ही चाहिए लेकिन नेपाल यदि अपनी अर्थव्यवस्था सुधारने के लिए पहले से मौजूद किसी नियम पर सख्ती कर रहा है तो उसे भारत विरोध के रूप में देखना बिल्कुल गलत है. मगर राजनीति को तो बस सरकार को घेरने का बहाना चाहिए. तो यह मसला भी राजनीति ने ही वायरल किया है. बात का बतंगड़ बनाने की आखिर जरूरत क्या है? 

Web Title: Nepal Government What need make such big issue

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