बिहार में फिल्म निर्माण को मिली नई गति और नई दिशा, फिल्म निर्माण गतिविधियों में आई तेजी,
By एस पी सिन्हा | Updated: May 12, 2026 15:53 IST2026-05-12T15:52:42+5:302026-05-12T15:53:05+5:30
बिहार में फिल्म निर्माण को नई गति और नई दिशा मिली है. राज्य में फिल्म निर्माण गतिविधियों में तेजी आई है और देशभर के निर्माता बिहार की ओर आकर्षित हो रहे हैं। बिहार राज्य फिल्म वित्त निगम लिमिटेड की ओर से जारी जानकारी के अनुसार अब तक प्रदेश में 52 फिल्मों की शूटिंग के लिए अनुमति दी जा चुकी है, जबकि 48 फिल्मों की शूटिंग अलग-अलग जिलों और लोकेशनों पर पूरी भी हो चुकी है.

बिहार में फिल्म निर्माण को मिली नई गति और नई दिशा, फिल्म निर्माण गतिविधियों में आई तेजी,
बिहार में फिल्म निर्माण को नई गति और नई दिशा मिली है. राज्य में फिल्म निर्माण गतिविधियों में तेजी आई है और देशभर के निर्माता बिहार की ओर आकर्षित हो रहे हैं। बिहार राज्य फिल्म वित्त निगम लिमिटेड की ओर से जारी जानकारी के अनुसार अब तक प्रदेश में 52 फिल्मों की शूटिंग के लिए अनुमति दी जा चुकी है, जबकि 48 फिल्मों की शूटिंग अलग-अलग जिलों और लोकेशनों पर पूरी भी हो चुकी है. इससे बिहार तेजी से फिल्म शूटिंग के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है. सूबे में जिन फिल्मों की शूटिंग हुई है, उनमें ‘चंपारण सत्याग्रह’, ‘ओह माय डाग’, ‘संघतिया’, ‘लाइफ लीला’ समेत कई चर्चित फिल्मों के नाम शामिल हैं.
बिहार के कला एवं संस्कृति विभाग और बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम लिमिटेड ने राज्य में फिल्म इंडस्ट्री को पुनर्जीवित करने और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने के लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया है. बिहार राज्य फिल्म वित्त निगम लिमिटेड के परामर्शी अरविंद रंजन दास ने बताया कि बिहार अब फिल्म शूटिंग के राष्ट्रीय मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है. राज्य सरकार की नई फिल्म नीति और सुविधाजनक व्यवस्था के कारण निर्माता यहां शूटिंग करने में रुचि दिखा रहे हैं. आधिकारिक वेबसाइट पर फिल्म निर्माण करने वाले निर्माताओं को जानकारी मिलने के साथ शूटिंग के लिए ऑनलाइन आवेदन देकर अनुमति प्राप्त कर सकते हैं. वेबसाइट पर सभी महत्वपूर्ण शूटिंग स्थलों का प्रभावी और आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है. बिहार के शूटिंग लोकेशन को अब आसानी से एक क्लिक पर खोजा जा सकता है. इस नए पोर्टल के माध्यम से अब फिल्म निर्माण से जुड़े हर क्षेत्र के लोग अपना पंजीकरण करा सकेंगे. इसमें न केवल अभिनेता, नर्तक और गायक जैसे कलाकार शामिल हैं, बल्कि कैमरा, लाइट, साउंड, ड्रोन, एडिटिंग और वीएफएक्स जैसी तकनीकी सेवाएं देने वाले विशेषज्ञ भी जुड़ सकते हैं. इसके अलावा आर्ट डायरेक्शन, सेट डिजाइन, कॉस्ट्यूम और मेकअप जैसे रचनात्मक क्षेत्रों के पेशेवरों के लिए भी यह एक बड़ा प्लेटफॉर्म साबित होगा. फिल्म निर्माण सिर्फ कलाकारों तक सीमित नहीं है, इसमें बड़े पैमाने पर लॉजिस्टिक की जरूरत होती है. इसे ध्यान में रखते हुए होटल, ट्रांसपोर्ट, शूटिंग लोकेशन, कैटरिंग, सिक्योरिटी और इवेंट मैनेजमेंट से जुड़े स्थानीय व्यवसायी भी इस पोर्टल पर अपना पंजीकरण करा सकते हैं. इससे जब भी कोई प्रोडक्शन हाउस बिहार में शूटिंग के लिए आएगा, उसे स्थानीय स्तर पर ही सभी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी. नई फिल्म नीति के तहत सरकार की ओर से अनुदान देने का भी प्रावधान किया गया है. नीति के अनुसार यदि किसी फिल्म की 50 से 75 प्रतिशत शूटिंग बिहार में पूरी होती है, तो फिल्म निर्माताओं को सब्सिडी का लाभ दिया जाएगा. यह अनुदान फिल्म की शूटिंग और उसके प्रसारण के बाद उपलब्ध कराया जाएगा. सरकार का मानना है कि इससे बड़े बैनर और निर्माता बिहार में निवेश के लिए आगे आएंगे. सरकार और निगम की इस पहल से बिहार के स्थानीय कलाकारों और तकनीशियनों को रोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद बढ़ गई है.