नीट पेपरफूट मामले में सीबीआई टीम की नागपुर-चंद्रपुर में छापेमारी, दो छात्राओं और एक छात्र से पूछताछ, लातूर से मिली थी ‘नागपुर लिंक
By फहीम ख़ान | Updated: May 19, 2026 17:24 IST2026-05-19T17:23:21+5:302026-05-19T17:24:02+5:30
मिली जानकारी के अनुसार, जिन तीन उम्मीदवारों के यहां छापे मारे गए, उनमें दो छात्राएं नागपुर की हैं, जबकि एक छात्र चंद्रपुर जिले के ब्रह्मपुरी का निवासी है.

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नागपुरः देशभर में सनसनी फैलाने वाले नीट पेपर लीक मामले की जांच में अब विदर्भ कनेक्शन सामने आने लगा है. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की दिल्ली स्थित विशेष टीम ने मंगलवार को नागपुर और चंद्रपुर में तीन उम्मीदवारों के घरों पर छापेमारी की. इस कार्रवाई में नागपुर सीबीआई टीम ने भी सहयोग किया. जांच एजेंसियों की इस कार्रवाई से विदर्भ के शैक्षणिक क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है.
मिली जानकारी के अनुसार, जिन तीन उम्मीदवारों के यहां छापे मारे गए, उनमें दो छात्राएं नागपुर की हैं, जबकि एक छात्र चंद्रपुर जिले के ब्रह्मपुरी का निवासी है. सीबीआई टीम ने इन छात्रों के घरों और मोबाइल फोन की जांच की. सूत्रों के अनुसार, नीट परीक्षा के दौरान संदिग्ध संपर्क, आर्थिक लेनदेन और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े डिजिटल सबूतों की जांच के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई.
सीबीआई अधिकारियों ने संबंधित छात्रों के घरों से लैपटॉप, मोबाइल फोन, कुछ दस्तावेज और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की जानकारी की जांच की. टीम ने छात्रों के परिजनों और कुछ परिचितों से भी पूछताछ की है. पेपर लीक रैकेट से जुड़े दलालों, कोचिंग नेटवर्क या आर्थिक लेनदेन से किसी प्रकार का संबंध है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है.
कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जांच के लिए जब्त किए जाने की जानकारी भी सामने आई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. अब तक किसी को हिरासत में नहीं लिया गया है. आगे की जांच के बाद गिरफ्तारी होगी या नहीं, इसका निर्णय दिल्ली की सीबीआई टीम करेगी.
उल्लेखनीय है कि 2015 के एआईपीएमटी घोटाले और 2021 के नीट महाघोटाले में भी नागपुर का सीधा संबंध सामने आया था. उस समय मास्टरमाइंड परिमल कोतपल्लीवार नागपुर में आरएस एज्युकेशन नामक संस्था चलाता था और देशभर में डमी उम्मीदवारों का रैकेट संचालित करता था.
लातूर से मिली ‘लिंक’
अब तक गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन की गहन जांच के बाद यह सामने आया कि राज्य के कई विद्यार्थी उनके संपर्क में थे. इसी आधार पर सीबीआई की टीम पूर्व विदर्भ पहुंची. हालांकि ये छात्र मोटेगांवकर कोचिंग क्लास के विद्यार्थी थे या उन्हें वहां से प्रश्न भेजे गए थे, इस बारे में सीबीआई अधिकारियों ने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया.