बिहार के डीजीपी ने पुलिसकर्मियों को लगाई जमकर फटकार, कहा- वर्दी और रिवाल्वर धौंस दिखाने के लिए नहीं है
By एस पी सिन्हा | Updated: May 12, 2026 16:54 IST2026-05-12T16:52:27+5:302026-05-12T16:54:43+5:30
राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने महिला थाना में कार्यरत पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को जमकर फटकार लगाते हुए कड़ी नसीहत दी. उन्होंने मोतिहारी, जहानाबाद और सीतामढ़ी के मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि कई पुलिस अधिकारी संवेदनशील मामलों में भी एरोगेंसी दिखा रहे हैं.

बिहार के डीजीपी ने पुलिसकर्मियों को लगाई जमकर फटकार, कहा- वर्दी और रिवाल्वर धौंस दिखाने के लिए नहीं है
पटना: बिहार की राजधानी पटना स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय(सरदार पटेल भवन) में घरेलू हिंसा और जेंडर आधारित हिंसा के कानूनी प्रावधानों को लेकर आयोजित विशेष कार्यक्रम में राज्य के पुलिस महानिदेशक(डीजीपी) विनय कुमार ने महिला थाना में कार्यरत पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को जमकर फटकार लगाते हुए कड़ी नसीहत दी. उन्होंने मोतिहारी, जहानाबाद और सीतामढ़ी के मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि कई पुलिस अधिकारी संवेदनशील मामलों में भी एरोगेंसी दिखा रहे हैं. उन्होंने कहा कि जो लोग शादी के बाद दारोगा बनने पर पहली पत्नी को छोड़ दूसरी शादी करते हैं, उन्हें नौकरी में रहने का कोई अधिकार नहीं है. ऐसे में एक्शन होना चाहिए.
डीजीपी ने कहा कि इन लोगों का सामाजिक रूप से भी प्रचंड तरीके से बहिष्कार होना चाहिए. ऐसे लोगों पर हम लोगों का कोई भी सॉफ्ट एटीट्यूड नहीं रहना चाहिए. इस तरह की हरकतों में कोई भी पुलिसकर्मी शामिल है तो उनके साथ हम लोग कड़ी कार्रवाई करें और कठोर से कठोर सजा दें और उन्हें सेवा में तो बिल्कुल भी नहीं रहने दिया जाएगा.
इस दौरान उन्होंने कहा कि इसको लेकर हमारे सीतामढ़ी के एसपी साहब आर्गुमेंट करने लगे कि नहीं, नहीं, सर लाइन क्लोज किए हैं, तो उसको तो तुरंत निलंबित करके काम शुरू कर देना चाहिए. निलंबन हुआ भी तो फिर उन्हें रिलीज करके लाइन में रखें हुए हैं तो यह तो हमारा सॉफ्ट एटीट्यूड नहीं होना चाहिए. चाहे कोई भी सरकारी कर्मचारी हो कोई भी पुलिस अफसर हो यदि इस तरह की हरकतों में शामिल हैं तो उनके साथ हम लोग एकदम कठोर तरह से पेश आएंगे. इसके साथ ही कठोर से कठोर दृष्टिकोण अपनाएं और उनको सेवा में तो नहीं रहना है तय कर दें.
पुलिस सेवा में तो इस तरह के लोगों की कोई जगह नहीं हैं यह तो पूरी तरह से फिक्स है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पुलिसकर्मियों को वर्दी और पिस्टल का रौब दिखाने की बजाय संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए. उन्होंने कहा कि कई मामलों में शिकायतें मिली हैं कि महिला थानों में पीड़ितों से पुलिस अधिकारी एरोगेंसी के साथ बात करते हैं. डीजीपी ने कहा कि आपको वर्दी और पिस्टल मिला है तो इसका मतलब यह नहीं कि आप एरोगेंट हो जाएं. पीड़ितों से सबसे सॉफ्ट तरीके से बात करनी चाहिए.
कार्यक्रम के दौरान डीजीपी ने मोतिहारी के एक मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां एक पीड़िता से पैसे और चार पहिया गाड़ी की मांग की गई थी. इस मामले में कार्रवाई भी की गई है. उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अगर कोई पुलिसकर्मी इस तरह का व्यवहार करता है तो “उसे डूब मरना चाहिए.” डीजीपी ने कहा कि महिला थाना में तैनात पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी सिर्फ केस दर्ज करना नहीं, बल्कि पीड़ित महिलाओं को भरोसा और सुरक्षा का एहसास कराना भी है.
विनय कुमार ने कार्यक्रम में हाल के अपराधों पर चिंता जताते हुए मोतिहारी छात्र हत्याकांड का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि आजकल 10-15 युवाओं के समूह गैंग बनाकर सोशल मीडिया पर खुद का प्रचार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि महिला मित्र को लेकर विवाद हो रहा है और उसी तरह के विवाद में छात्र की हत्या हुई. माता-पिता की जिम्मेदारी बढ़ गई है. उन्हें अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए. डीजीपी ने समाज में बढ़ते अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पहले गैंगरेप जैसी घटनाएं बहुत कम होती थीं. किसी जिले में एक घटना होने पर पूरा जिला दहल जाता था, लेकिन अब ऐसी घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है.