इंदौर की स्वच्छता यात्रा: 7 साल का संघर्ष, अब महापौर का 'नवनिधि' मेगा प्लान नंबर-1 बरकरार रखने को

By मुकेश मिश्रा | Updated: May 12, 2026 15:01 IST2026-05-12T15:01:31+5:302026-05-12T15:01:31+5:30

स्वच्छता नव निधि अवॉर्ड की दहलीज पर खड़े इस शहर ने अब 22 जोनों की कमान एमआईसी सदस्यों को सौंपकर 'मेगा प्लान' लॉन्च कर दिया है, जो न केवल स्वच्छता बल्कि विकास और जनकल्याण पर भी केंद्रित है।

Indore's Cleanliness Journey: 7 Years of Struggle, Now the Mayor's 'Navnidhi' Mega Plan to Retain Number 1 | इंदौर की स्वच्छता यात्रा: 7 साल का संघर्ष, अब महापौर का 'नवनिधि' मेगा प्लान नंबर-1 बरकरार रखने को

इंदौर की स्वच्छता यात्रा: 7 साल का संघर्ष, अब महापौर का 'नवनिधि' मेगा प्लान नंबर-1 बरकरार रखने को

इंदौर: देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर स्वच्छता सर्वेक्षण-2026 में लगातार सातवां वर्ष शीर्ष स्थान हासिल करने की दौड़ में जोर-शोर से जुट गया है। 2017 से अब तक छह बार राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग में नंबर-1 की मशाल थामे चल रहे इंदौर ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव के नेतृत्व में नई ऊंचाइयों को छूने का संकल्प लिया है। स्वच्छता नव निधि अवॉर्ड की दहलीज पर खड़े इस शहर ने अब 22 जोनों की कमान एमआईसी सदस्यों को सौंपकर 'मेगा प्लान' लॉन्च कर दिया है, जो न केवल स्वच्छता बल्कि विकास और जनकल्याण पर भी केंद्रित है।

इंदौर की स्वच्छता गाथा: कचरा बीनने से नव निधि तक का सफर

इंदौर की यह सफलता रातोंरात नहीं मिली। 2016 से पहले कचरा बिखरा शहर था, जहां डोर-टू-डोर कलेक्शन की कल्पना भी मुश्किल थी। तत्कालीन महापौर आनंद मोहन शुक्ला के नेतृत्व में शुरू हुए 'हर घर तक कचरा ट्रक' अभियान ने क्रांति ला दी। रैगपिकर्स को सम्मान देकर रिसोर्स रिकवरी पार्क बनाए गए, जहां आज 90% से अधिक कचरा प्रोसेस होता है। 2017 में पहली बार नंबर-1 हासिल करने के बाद इंदौर ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा—2018, 2019, 2022, 2023, 2024 और 2025 में लगातार शीर्ष पर। 

लाखों नागरिकों की भागीदारी, सखी केंद्रों की मेहनत और सख्त निगरानी ने इसे संभव बनाया। लेकिन चुनौतियां रुकीं नहीं—कोविड, मानसून की बाढ़ और तेज शहरीकरण के बावजूद इंदौर ने 100% सेग्रिगेशन का रिकॉर्ड कायम रखा। अब स्वच्छता नव निधि की आठ श्रेणियों (जैसे वेस्ट मैनेजमेंट, वाटर क्वालिटी) में उत्कृष्टता का लक्ष्य है।

22 जोनों पर 9 एमआईसी की निगरानी: रोजाना दौरा, साप्ताहिक रिपोर्ट

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सोमवार को बैठक बुलाकर 22 जोनों की जिम्मेदारी नौ एमआईसी सदस्यों को सौंपी। निर्देश साफ हैं—सर्वेक्षण पूरा होने तक रोजाना दौरा, अधिकारियों से समन्वय, स्वच्छता गुणवत्ता, नागरिक सुविधाओं और विकास योजनाओं की जांच। हर सदस्य साप्ताहिक रिपोर्ट महापौर को सौंपेगा।

राजेंद्र राठौड़: जोन 1 और 4
अश्विनी शुक्ला: जोन 2, 13 और 14
निरंजन सिंह चौहान: जोन 7, 8 और 15
राजेश उदावत: जोन 10 और 19
अभिषेक शर्मा 'बबलू': जोन 12 और 17
नंदकिशोर पहाड़िया: जोन 3, 9 और 16
प्रिया दांगी: जोन 5 और 6
मनीष शर्मा 'मामा': जोन 11, 18 और 21
राकेश जैन: जोन 20 और 22

महापौर ने कहा, "स्वच्छता इंदौर की पहचान है। एमआईसी की प्रत्यक्ष भागीदारी से जवाबदेही बढ़ेगी, कार्य तेज होंगे और योजनाओं का लाभ हर नागरिक को मिलेगा। हम तैयारी, प्रबंधन और जनभागीदारी से नंबर-1 बरकरार रखेंगे।" नागरिकों में उत्साह है। जोन-5 की प्रिया दांगी ने बताया, "रोजाना फीडबैक से समस्याएं तुरंत सुलझेंगी।" विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्लान इंदौर को सातवीं बार नंबर-1 दिला सकता है।

Web Title: Indore's Cleanliness Journey: 7 Years of Struggle, Now the Mayor's 'Navnidhi' Mega Plan to Retain Number 1

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