इस बार रिकार्ड बनाने से चूका ट्यूलिप गार्डन, मगर 10 सालों में 30 लाख का योगदान जरूर दिया
By सुरेश एस डुग्गर | Updated: April 18, 2026 14:03 IST2026-04-18T13:15:33+5:302026-04-18T14:03:03+5:30
Tulip Garden: इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्यूलिप गार्डन में पिछले एक दशक में 30 लाख से ज्यादा लोग आए हैं। इनमें स्थानीय लोग, घरेलू पर्यटक और विदेशी पर्यटक शामिल हैं।

इस बार रिकार्ड बनाने से चूका ट्यूलिप गार्डन, मगर 10 सालों में 30 लाख का योगदान जरूर दिया
Tulip Garden: खाड़ी देशों में युद्ध की स्थिति के कारण कश्मीर आने वाले पर्यटकों की संख्या में कमी के कारण इस बार एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन चाहे कोई नया रिकार्ड कायम नहीं कर पाया है पर इतना जरूर था कि पिछले एक दशक में इस गार्डन ने कश्मीर में आने वाले पर्यटकों की संख्या में एक अच्छा खासा योगदान जरूर दिया है। यह सच है कि एशिया के सबसे बड़े ट्यूलिप गार्डन, इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्यूलिप गार्डन में पिछले एक दशक में 30 लाख से ज्यादा लोग आए हैं। इनमें स्थानीय लोग, घरेलू पर्यटक और विदेशी पर्यटक शामिल हैं।
मिले आंकड़ों के मुताबिक, पिछले पांच सालों में ट्यूलिप गार्डन में आने वाले लोगों की संख्या में 150 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2017 से अब तक, कुल 30.67 लाख पर्यटक इस गार्डन में आ चुके हैं। सिर्फ 2020 में गार्डन बंद रहा था, क्योंकि उस समय कोविड-19 महामारी फैली हुई थी।
आंकड़ों से पता चलता है कि 2017 में 1.75 लाख लोग गार्डन में आए थे, जबकि 2018 में 1.48 लाख लोग आए थे। 2019 में आने वाले लोगों की संख्या में और तेजी आई और कुल 1.57 लाख लोग गार्डन में आए। 2020 में गार्डन बंद रहा।
वर्ष 2021 से ट्यूलिप गार्डन में आने वाले लोगों की संख्या में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। आंकड़ों के मुताबिक, 2021 में 1.94 लाख, 2022 में 3.60 लाख, 2023 में 3.77 लाख और 2024 में 4.46 लाख लोग गार्डन में आए।
कश्मीर के बागवानी विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2025 में गार्डन में आने वाले लोगों की संख्या सबसे ज्यादा रही। इस साल कुल 8.55 लाख लोग गार्डन में आए। 2026 में, सीजन के दौरान कुल 3.89 लाख लोग गार्डन में आए।
2026 के सीजन के लिए गार्डन का औपचारिक उद्घाटन मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 16 मार्च को किया था। इस सीजन में गार्डन में कुल 18 लाख ट्यूलिप के बल्ब लगाए गए थे। आम लोगों के लिए गार्डन 16 अप्रैल को बंद कर दिया गया था।
जानकारी के लिए श्रीनगर के ट्यूलिप गार्डन में, अपनी शुरुआत के बाद पहली बार, हाल ही में खत्म हुए फूलों के मौसम के दौरान ई-टिकटिंग सिस्टम लागू किया गया था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस कदम से 3.8 लाख से ज्यादा विजिटर्स के लिए एंट्री का प्रोसेस काफी आसान हो गया।
डायरेक्टर फ्लोरीकल्चर, मथुरा मासूम ने बताया कि इस मौसम में ट्यूलिप गार्डन और बादामवारी गार्डन जैसे बड़े गार्डन्स में यह डिजिटल सिस्टम शुरू किया गया था, और इसे टूरिस्ट्स और स्थानीय लोगों, दोनों से ही अच्छा रिस्पान्स मिला।
उन्होंने बताया कि यह गार्डन 16 मार्च से 16 अप्रैल तक खुला रहा, और इस दौरान यहां कुल 3.82 लाख विजिटर्स आए। इनमें 1,222 इंटरनेशनल टूरिस्ट्स, लगभग 2.24 लाख घरेलू टूरिस्ट्स, और लगभग 1.56 लाख स्थानीय विजिटर्स शामिल थे।
अधिकारी ने आगे बताया कि गार्डन में ट्यूलिप की लगभग 70 किस्में दिखाई गईं, जिनमें लगभग 80 लाख फूल खिले हुए थे, साथ ही एक लाख वसंत की किस्में भी थीं। उन्होंने यह भी बताया कि विजिटर्स के लिए सेल्फी पाइंट्स भी बनाए गए थे।