संघ प्रमुख मोहन भागवत ने गणतंत्र दिवस के मौके पर बिहार के मुजफ्फरपुर में फहराया तिरंगा झंडा, कहा- देश को ले जाना है सर्वोच्च स्थान पर
By एस पी सिन्हा | Updated: January 26, 2026 18:33 IST2026-01-26T18:32:59+5:302026-01-26T18:33:04+5:30
इस मौके पर मोहन भागवत ने कहा कि जब देश के सभी नागरिक एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देते हैं, तभी भारत सशक्त और समृद्ध बनता है।

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने गणतंत्र दिवस के मौके पर बिहार के मुजफ्फरपुर में फहराया तिरंगा झंडा, कहा- देश को ले जाना है सर्वोच्च स्थान पर
पटना: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्तर बिहार के प्रांत कार्यालय मुजफ्फरपुर स्थित कार्याल में झंडोत्तोलन कर देशवासियों को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि अपने दायित्वों और कर्तव्यों को याद करने का अवसर है। हम सभी को संकल्प लेना चाहिए कि अपने देश को विश्व में सर्वोच्च स्थान दिलाएं। यही हमारे पूर्वजों के बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
मोहन भागवत ने कहा कि जब देश के सभी नागरिक एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देते हैं, तभी भारत सशक्त और समृद्ध बनता है। भारत को एक सच्चा गणराज्य बनाए रखने के लिए हर नागरिक को अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करना होगा। तिरंगे के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि तिरंगे का भगवा रंग त्याग, तपस्या और सनातन संस्कृति का प्रतीक है। सफेद रंग शांति और पवित्रता को दर्शाता है, जबकि हरा रंग समृद्धि और कर्मशीलता का प्रतीक है।
अशोक चक्र यह संदेश देता है कि राष्ट्र का संचालन धर्म और न्याय के आधार पर होना चाहिए। मोहन भागवत ने संविधान का उल्लेख करते हुए कहा कि बाबा साहेब डा. भीमराव आंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान हमें सही आचरण और कर्तव्य का मार्ग दिखाता है। संविधान की प्रस्तावना का पाठ नागरिकों में जिम्मेदारी की भावना विकसित करता है। कानून का पालन करना हर नागरिक का मूल कर्तव्य है।