2027 में यूपी विधानसभा चुनाव और पूर्वांचल और पश्चिम में जाट, गुर्जर, दलित और ब्राह्मण पर सीएम योगी ने खेला दांव?
By सतीश कुमार सिंह | Updated: May 10, 2026 18:38 IST2026-05-10T17:46:39+5:302026-05-10T18:38:21+5:30
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया और छह भाजपा नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली।

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लखनऊः आगामी विधानसभा चुनावों (2027 विस चुनाव) से पहले जमीनी स्तर पर अपनी लोकप्रियता बढ़ाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार ने मंत्रिपरिषद में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 2027 में यूपी विधानसभा चुनाव को देखते हुए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने पूर्वांचल और पश्चिम में जाट, गुर्जर, दलित और ब्राह्मण पर दांव चल दिया है। राजभवन (लोकभवन) में आयोजित शपथ समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भूपेंद्र चौधरी, कृष्णा पासवान, हंसराज विश्वकर्मा, मनोज पांडे, कैलाश राजपूत, सुरेंद्र दिलेर को नए मंत्री के रूप में शपथ दिलाई। मंत्रिपरिषद में छह पद रिक्त थे।
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी प्रमुख प्रतिद्वंद्वी समाजवादी पार्टी (सपा) के ‘पीडीए’ समीकरण की काट करने और अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले अपने जातीय समीकरण मजबूत करने की कोशिश की है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने ‘जन भवन’ में छह नए समेत कुल आठ मंत्रियों को शपथ दिलाई।
एक ब्राह्मण, तीन ओबीसी और दो दलित समाज
403 सदस्यीय विधानसभा में इसकी अधिकतम अनुमत संख्या 60 हो गई। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और भाजपा नेता मनोज पांडे ने मंत्रिमंडल मंत्री के रूप में शपथ ली। राज्य मंत्री अजीत पाल सिंह और सोमेंद्र तोमर को पदोन्नत किया गया और उन्हें अपने-अपने विभागों का स्वतंत्र प्रभार दिया गया।
योगी सरकार नए मंत्रियों के रूप में शामिल हुए चेहरों में एक ब्राह्मण, तीन ओबीसी और दो दलित समाज से हैं। चार नए चेहरों कृष्णा पासवान, सुरेंद्र दिलेर, हंसराज विश्वकर्मा और कैलाश राजपूत को राज्य मंत्री बनाया गया है। उत्तर प्रदेश में जाति समीकरण को देखते हुए सीएम योगी ने विधानसभा चुनाव को देखते हुए दांव खेला है।
कृष्णा पासवान, सुरेंद्र दिलेर, हंसराज विश्वकर्मा और कैलाश राजपूत को राज्य मंत्री बनाया
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और भाजपा नेता मनोज पांडे को मंत्रिमंडल में मंत्री बनाया गया। राज्य मंत्री अजीत पाल सिंह और सोमेंद्र तोमर को पदोन्नत किया गया और उन्हें स्वतंत्र प्रभार दिया गया। इस बीच, कृष्णा पासवान, सुरेंद्र दिलेर, हंसराज विश्वकर्मा और कैलाश राजपूत को राज्य मंत्री बनाया गया।
उत्तर प्रदेश में बीते दो साल से मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चल रही चर्चाओं पर रविवार को विराम लग गया। मात्र 24 घंटे की भीतर ही मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर हुई सियासत में ही मंत्री बनाए जाने वाले छह नाम तय हो गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंह के खास माने जाने वाले पूर्व जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह को मंत्रिमंडल में शामिल करने को लेकर पार्टी का शीर्ष नेतृत्व तैयार नहीं हुआ।
रायबरेली के ऊंचाहार से विधायक मनोज कुमार पाण्डेय
इस गणित के अनुसार ही रविवार को हुए मंत्रिमंडल विस्तार में बिना किसी को मंत्रिमंडल से हटाए आठ को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। रविवार को शपथ लेने वालों में योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे और प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष भूपेन्द्र चौधरी तथा समाजवादी पार्टी से बगावत करने वाले रायबरेली के ऊंचाहार से विधायक मनोज कुमार पाण्डेय हैं।
अति पिछड़ी जाति से आने वाले वाराणसी के विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा, फतेहपुर की खागा सीट से विधायक अनुसूचित जाति की कृष्णा पासवान, अलीगढ़ के खैर से विधायक सुरेन्द्र दिलेर और कन्नौज के तिर्वा से विधायक विधायक कैलाश सिंह राजपूत शपथ दिलाई गई। ओबीसी चेहरों की बात करें तो भूपेंद्र चौधरी संगठन से जुड़ा पुराना चेहरा हैं और जाट बिरादरी से आते हैं।
हंसराज विश्वकर्मा वाराणसी क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य हैं
वह योगी सरकार में पंचायत राज मंत्री रह चुके हैं। बताया जा रहा है पश्चिम यूपी की सियासत के मद्देनजर उन्हे फिर से कैबिनेट मंत्री बनाया जाएगा, जबकि रायबरेली संसदीय क्षेत्र से जुड़े होने की वजह से मनोज पांडेय को योगी मंत्रिमंडल में जगह मिली है, ताकि रायबरेली में राहुल गांधी और समाजवादी की सियासत को चुनौती दी जा सके।
हंसराज विश्वकर्मा वाराणसी क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य हैं। प्रधानमंत्री के नजदीकी माने जाने वाले हंसराज को प्रमुख ओबीसी नेताओं में गिने जाते हैं। वाराणसी, चंदौली, भदोही और आसपास के जिलों में उनका प्रभाव देखते हुए उन्हें मंत्री बनाया गया है। मंत्रिमंडल जगह पाने वाली महिला विधायक कृष्णा पासवान अपने समाज की प्रभावशाली नेता हैं।
पूर्वांचल और मध्य यूपी में पासवान वोट बैंक को साधने के लिए भाजपा उन्हें मंत्री बनाया है। अलीगढ़ के सुरेंद्र दिलेर खैर विधानसभा सीट से विधायक हैं। उनके परिवार के लोग भी सांसद रहे है। पश्चिमी यूपी में दलित राजनीति के लिहाज से उनका नाम काफी प्रभावशाली माना जाता है, इसी नाते उन्हे मंत्री बनाया गया है।