"ईरान और भारत के बीच संबंध बहुत मजबूत", होर्मुज जलडमरूमध्य के पास टैंकरों पर हमले के बाद तेहरान के प्रतिनिधि ने कही ये बड़ी बात
By अंजली चौहान | Updated: April 19, 2026 07:25 IST2026-04-19T07:24:32+5:302026-04-19T07:25:40+5:30
Hormuz Strait: भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि ने यह भी कहा कि इन संबंधों से भारत को लाभ हुआ है, और उन्होंने इस बात का उदाहरण दिया कि कैसे उसके तेल टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते हैं।

"ईरान और भारत के बीच संबंध बहुत मजबूत", होर्मुज जलडमरूमध्य के पास टैंकरों पर हमले के बाद तेहरान के प्रतिनिधि ने कही ये बड़ी बात
Hormuz Strait: होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय ध्वज वाले दो जहाजों पर हुई गोलीबारी की घटना पर, भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ.अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है लेकिन भारत और ईरान के संबंध बहुत मजबूत हैं।
उन्होंने कहा, "ईरान और भारत के बीच संबंध बहुत मजबूत हैं और मुझे इस घटना के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं है जिसका आपने जिक्र किया है। हम आशा करते हैं कि सब ठीक हो जाएगा और मामला सुलझ जाएगा।"
उन्होंने आगे कहा, "...हम यह युद्ध नहीं चाहते। हम शांति चाहते हैं, और हम आशा करते हैं कि दूसरा पक्ष भी शांति का मार्ग अपनाएगा ताकि हम एक शांतिपूर्ण क्षेत्र बना सकें।"
दरअसल इलाही ने ये बयान मीडिया से बात करते हुए दिए। इलाही ने आगे कहा, "ईरान और भारत के बीच संबंधों की जड़ें 5,000 साल पुराने इतिहास में हैं। ईरानी लोग संस्कृति, सभ्यता, शिक्षा, मानवता और दर्शन के ज़रिए भारत से जुड़े हुए हैं। हमारे संबंध बहुत मज़बूत हैं और लगातार और मज़बूत होते रहेंगे।"
#WATCH | Hyderabad | On the shooting incident involving two Indian-flagged ships in the Strait of Hormuz, Dr Abdul Majid Hakeem Ilahi, representative of Iran’s Supreme Leader in India, says, "The relationship between Iran and India is very strong and I don't know anything about… pic.twitter.com/KdsLQBkbmw
— ANI (@ANI) April 18, 2026
उन्होंने समाचार एजेंसी ANI से कहा, "हम शांति चाहते हैं, और हमें उम्मीद है कि दूसरा पक्ष भी शांति का पालन करेगा, ताकि हमारे क्षेत्र में शांति बनी रहे।"
भारत के झंडे वाले 2 टैंकरों पर हमला
रिपोर्ट के अनुसार, ओमान के उत्तर में ईरान की नौसेना ने 'जग अर्णव' और 'सनमार हेराल्ड' नाम के दो टैंकरों पर गोलीबारी की। ये टैंकर इराक का लाखों बैरल तेल ले जा रहे थे। यह ऐसे समय में हुआ है जब पश्चिम एशिया में संघर्ष अभी भी जारी है और कच्चे तेल की आपूर्ति तथा कीमतों को लेकर पूरी दुनिया में चिंता बनी हुई है। दोनों जहाजों पर गोलीबारी की गई।
इस घटना पर भारत की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया आई और विदेश मंत्रालय ने औपचारिक विरोध दर्ज कराने के लिए भारत में ईरान के राजदूत को तलब किया।
ईरानी दूत, डॉ. मोहम्मद फथाली, पाकिस्तान-अफगानिस्तान-ईरान डेस्क के संयुक्त सचिव से मुलाकात के बाद MEA कार्यालय से बाहर निकलते हुए देखे गए।
MEA ने बाद में एक बयान में कहा कि विदेश सचिव ने भारतीय ध्वज वाले जहाजों से जुड़ी इस घटना पर चिंता व्यक्त की। MEA ने एक बयान में कहा, "उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत व्यापारिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को कितना महत्व देता है, और याद दिलाया कि ईरान ने पहले भी भारत आने वाले कई जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने में मदद की थी। व्यापारिक जहाजों पर गोलीबारी की इस गंभीर घटना पर अपनी चिंता दोहराते हुए, विदेश सचिव ने राजदूत से आग्रह किया कि वे ईरान के अधिकारियों तक भारत का नज़रिया पहुँचाएँ, और जल्द से जल्द होर्मुज़ जलडमरूमध्य से होकर भारत आने वाले जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने की प्रक्रिया फिर से शुरू करें।"