कतर, सऊदी अरब और यूएई के अनुरोध पर ईरान पर हमला नहीं किया, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा-युद्ध में मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान पर कोई बात नहीं
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: May 19, 2026 11:05 IST2026-05-19T11:04:31+5:302026-05-19T11:05:46+5:30
कतर के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी, सऊदी अरब के शहजादे मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने मुझसे ईरान पर सुनियोजित सैन्य हमले को स्थगित करने का अनुरोध किया है।

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वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अनुरोध पर ईरान पर नए हमले की योजना रोक दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि ईरान के साथ गंभीर बातचीत जारी है जो एक स्वीकार्य समझौते तक पहुंच सकती है। ट्रंप ने सोमवार को ‘ट्रुथ सोशल’ पर यह घोषणा की।
जिसमें उन्होंने अमेरिका-ईरान युद्ध में मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान का कोई जिक्र नहीं किया। उन्होंने कहा, ‘‘कतर के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी, सऊदी अरब के शहजादे मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने मुझसे ईरान पर कल (मंगलवार) होने वाले हमारे सुनियोजित सैन्य हमले को स्थगित करने का अनुरोध किया है।’’
ट्रंप ने ‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) में कहा, ‘‘हम कल एक बहुत बड़ा हमला करने की तैयारी कर रहे थे। मैंने इसे कुछ समय के लिए टाल दिया है। उम्मीद तो है कि यह हमेशा के लिए हो, लेकिन फिलहाल संभवतः कुछ समय के लिए है। हमने ईरान के साथ व्यापक बातचीत की है और हम देखेंगे कि उनका क्या नतीजा निकलता है।’’
ट्रंप ने कहा कि सऊदी अरब, कतर, यूएई और कुछ अन्य देशों ने उनसे पूछा था कि क्या अमेरिका इसे दो या तीन दिन के लिए यानी थोड़े समय के लिए टाल सकता है क्योंकि उन्हें लगता है कि वे एक समझौते पर पहुंचने के बेहद करीब हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि गंभीर बातचीत जारी है और उनके विचार से समझौता होगा, जो अमेरिका के साथ-साथ पश्चिम एशिया और उससे परे के सभी देशों को स्वीकार्य होगा।
ट्रंप ने जोर देकर कहा कि समझौते में यह भी शामिल होगा कि ‘‘ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं रहें’’। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैनियल केन और अमेरिकी सेना को निर्देश दिया है कि हम कल ईरान पर निर्धारित हमला नहीं करेंगे, बल्कि उन्हें यह भी निर्देश दिया है कि यदि कोई स्वीकार्य समझौता नहीं होता है, तो वे किसी भी क्षण ईरान पर पूर्ण पैमाने पर हमला करने के लिए तैयार रहें।’’