दुनिया के नए निर्यात बाजारों में आगे बढ़ता भारत

By डॉ जयंती लाल भण्डारी | Updated: May 4, 2026 05:18 IST2026-05-04T05:18:48+5:302026-05-04T05:18:48+5:30

भारत भी न्यूजीलैंड के 95 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क समाप्त करेगा या कम करेगा. खास बात यह है कि इस एफटीए के तहत ऐसे कई उत्पादों को सूची से बाहर रखा गया है, जो भारत के किसानों और कृषि क्षेत्र के हितों से जुड़े हैं.

India moves ahead in new export markets world blog Jayantilal Bhandari | दुनिया के नए निर्यात बाजारों में आगे बढ़ता भारत

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Highlightsन्यूजीलैंड में 100 प्रतिशत भारतीय निर्यात पर शून्य शुल्क (जीरो ड्यूटी) सुनिश्चित किया गया है.भारत भी न्यूजीलैंड के 95 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क समाप्त करेगा या कम करेगा. एफटीए का भी इसी वर्ष 2026 में आगामी महीनों में कार्यान्वयन शुरू होगा.

इस समय भारत मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) और द्विपक्षीय व्यापार समझौतों के माध्यम से निर्यात के नए बाजारों में दस्तक देते हुए दिखाई दे रहा है. हाल ही में 27 अप्रैल को भारत और न्यूजीलैंड के बीच एक ऐतिहासिक एफटीए पर भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले के द्वारा हस्ताक्षर किए गए हैं. दोनों देशों ने 22 दिसंबर 2025 को इस एफटीए के लिए वार्ता पूरी की थी. गौरतलब है कि भारत-न्यूजीलैंड के बीच हुए इस एफटीए के तहत न्यूजीलैंड में 100 प्रतिशत भारतीय निर्यात पर शून्य शुल्क (जीरो ड्यूटी) सुनिश्चित किया गया है.

भारत भी न्यूजीलैंड के 95 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क समाप्त करेगा या कम करेगा. खास बात यह है कि इस एफटीए के तहत ऐसे कई उत्पादों को सूची से बाहर रखा गया है, जो भारत के किसानों और कृषि क्षेत्र के हितों से जुड़े हैं. पिछले वर्ष 2025 में भारत के द्वारा ब्रिटेन और ओमान के साथ किए गए एफटीए का भी इसी वर्ष 2026 में आगामी महीनों में कार्यान्वयन शुरू होगा.

साथ ही 27 जनवरी को नई दिल्ली में आयोजित भारत-यूरोपीय शिखर सम्मेलन के दौरान यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला और यूरोपियन परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा की उपस्थिति में हस्ताक्षरित हुए भारत-यूरोपीय संघ एफटीए का क्रियान्वयन भी इसी वर्ष संभावित है. इस एफटीए से दो अरब लोगों का विशाल बाजार बनेगा.

वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग एक चौथाई हिस्सा होगा. इस समझौते को सभी समझौतों की जननी कहा गया है. भारत और अमेरिका के बीच भी व्यापार समझौते की वार्ता तेजी से आगे बढ़ रही है. इस वर्ष सात फरवरी को भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते (आईटीए) के फ्रेमवर्क के तहत अमेरिका ने उत्पादों पर टैरिफ 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया था.

फिर अमेरिका के उच्चतम न्यायालय ने 20 फरवरी को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के देश विशेष पर जवाबी शुल्क लागू करने के लिए अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम (आईईईपीए) के उपयोग का अधिकार रद्द कर दिया था. इसके बाद अमेरिकी प्रशासन ने 24 फरवरी से 150 दिनों के लिए सभी देशों पर 10 प्रतिशत का एक समान अधिभार लगाया था, जो जारी है.

अब अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने और व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के तहत बातचीत वार्ता आगे बढ़ाने हेतु अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में 21 से 23 अप्रैल तक चली ‘सार्थक और भविष्योन्मुखी चर्चाओं’ के बाद भारत और अमेरिका के वार्ताकारों के बीच सकारात्मक प्रगति हुई है. उम्मीद है कि यह अंतरिम व्यापार समझौता भी इसी वर्ष लागू हो सकेगा.

इन सबके साथ-साथ अब मॉरीशस, यूएई, ऑस्ट्रेलिया और चार यूरोपीय देशों आइसलैंड, स्विट्जरलैंड, नॉर्वे और लिकटेंस्टाइन के समूह यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन (एफ्टा) के साथ सफलतापूर्वक कार्यान्वित हो रहे एफटीए के और अधिक लाभ मिलते हुए दिखाई देंगे.

इतना ही नहीं, ईरान संकट के बीच भारत निर्यात और कारोबार के लिए नए बाजारों में जमने की तैयारी में है. इसके लिए कनाडा, इजराइल, रूस, पेरू, चिली, दक्षिण अफ्रीका और मेक्सिको के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर तेजी से काम हो रहा है.  

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