Bhojshala Verdict: मेरे लिए सौभाग्य की बात?, कुमार विश्वास ने कहा- भारतीय सांस्कृतिक इतिहास के साथ-साथ अपने कुल वंश का भी इतिहास पढ़ें ओवैसी, वीडियो
By सतीश कुमार सिंह | Updated: May 16, 2026 16:25 IST2026-05-16T16:23:57+5:302026-05-16T16:25:24+5:30
Bhojshala Verdict: भारतीय सांस्कृतिक इतिहास भी पढ़ें और अपने कुल वंश का भी इतिहास पढ़ें जिसमें चार पीढ़ी बाद ही उन्हें स्वयं के इसी परंपरा में खड़े रहने का बोध प्राप्त होगा।

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मथुराः मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए भोजशाला को देवी वाग्देवी (मां सरस्वती के रूप में पूजनीय) के मंदिर के रूप में मान्यता दी। फैसले के कुछ घंटों बाद ही श्रद्धालु बड़ी संख्या में परिसर में एकत्रित हो गए, प्रार्थना की, हनुमान चालीसा का पाठ किया और मिठाई बांटी। कई लोगों ने इसे दशकों लंबे कानूनी और धार्मिक संघर्ष में एक ऐतिहासिक क्षण बताया।
भोजशाला मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले पर कवि कुमार विश्वास ने कहा कि बहुत ही सौभाग्य का पर्व है। महाराज भोज जो भारतीय संस्कृति, साहित्य और भारतीय कला के प्रतिपादक माने जाते थे, जिनके माध्यम से भारतीय मनीषा पूरे विश्व में गूंजी, जिस भगवती का उन्हें साक्षात साक्षात्कार हुआ, वे सरस्वती जहां भोजशाला में विराजमान थीं, आज भारतीय न्याय संहिता से हिसाब से निर्णय प्राप्त हुआ है।
#WATCH | Mathura, UP: On the Bhojshala case, Poet Kumar Vishwas says, "It is a matter of great fortune. It has been my personal privilege to visit Dhar on several occasions—to offer my obeisance at that sacred site. Today, my heart is filled with immense joy..."
— ANI (@ANI) May 16, 2026
On PM Modi's… pic.twitter.com/49dvtzvHHU
मन में बड़ी टीस रहती थी कि कभी वाग्देवी वहां विराजमान हों और हम उनके दर्शन उस भाव से कर सकें और आज ये संभव हो पाया है। AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर उन्होंने कहा कि मैं उनसे आशा करता हूं कि वे भारतीय सांस्कृतिक इतिहास भी पढ़ें और अपने कुल वंश का भी इतिहास पढ़ें जिसमें चार पीढ़ी बाद ही उन्हें स्वयं के इसी परंपरा में खड़े रहने का बोध प्राप्त होगा।
यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है। धार की कई बार यात्रा करना और उस पवित्र स्थल पर मत्था टेकना मेरा व्यक्तिगत सौभाग्य रहा है। आज मेरा हृदय अपार आनंद से भरा हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी की अपील पर कहा कि यदि उन्होंने जनता से अपील की है, तो उस पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने लोगों से पेट्रोल की खपत कम करने और सोने की खरीद पर रोक लगाने का आग्रह किया है।
बेशक, सत्ताधारी दल के कार्यों में खामियों को उजागर करना और उनके खिलाफ आवाज उठाना विपक्ष का अधिकार है; उन्हें अपना कर्तव्य निभाते रहने दें। श्रद्धालु लड्डू और मिठाई बांटते हुए अपने धार्मिक अधिकारों की बहाली पर खुशी व्यक्त करते दिखे। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि इस फैसले ने उन्हें उम्मीद दी है कि अब इस स्थल पर नियमित पूजा-अर्चना सप्ताह भर जारी रहेगी।