बिहार में आंधी-तूफान और बारिश ने मचाई तबाही, 9 लोगों की मौत?, पटना, बेतिया, जहानाबाद, बक्सर, भोजपुर और सुपौल में आफत?
By एस पी सिन्हा | Updated: April 30, 2026 15:25 IST2026-04-30T15:22:32+5:302026-04-30T15:25:26+5:30
शादी के लिए लगाए गए टेंट उड़ गए, तो कहीं बिजली के खंभे गिर पड़े। करीब 20 जिलों में मौसम का असर इतना ज्यादा था कि लोग परेशान हो गए।

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पटनाः बिहार में बुधवार शाम से गुरुवार सुबह तक आई तेज आंधी-तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचाई है। इस खराब मौसम की वजह से 9 लोगों की मौत हो गई। ये सभी अलग-अलग जिलों के रहने वाले थे। पटना और बेतिया में मिलाकर 4 लोगों की जान गई। जहानाबाद में एक घर का छज्जा गिरने से 4 लोग घायल हो गए। बक्सर में एक पेड़ ई-रिक्शा पर गिर गया, जिससे उसमें बैठे 6 लोग घायल हो गए। भोजपुर जिले में महुली का पीपा पुल तेज आंधी के कारण टूटकर तीन हिस्सों में बंट गया। वहीं सुपौल में बिजली गिरने से नारियल के पेड़ में आग लग गई।
हालांकि आपदा प्रबंधन विभाग ने फिलहाल 5 मौतों की पुष्टि की है। सारण, मधुबनी और दरभंगा में एक-एक तथा पटना के दानापुर में दो लोगों की मौत दर्ज की गई है। इसके अलावा पश्चिम चंपारण के बैरिया में भी दो लोगों की मौत की सूचना है। कई जगहों पर बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे हालात और खराब हो गए। इस तेज आंधी और बारिश ने कई इलाकों में नुकसान पहुंचाया।
कुछ जगहों पर शादी के लिए लगाए गए टेंट उड़ गए, तो कहीं बिजली के खंभे गिर पड़े। करीब 20 जिलों में मौसम का असर इतना ज्यादा था कि लोग परेशान हो गए। शाम करीब 6 बजे के आसपास शुरू हुआ यह तूफान एक से दो घंटे में ही काफी नुकसान कर गया। कई जगहों पर बड़े-बड़े पेड़ गिर गए और रास्ते बंद हो गए। पश्चिम चंपारण जिले में तेज आंधी के कारण कई हादसे हुए।
मलाही बलुआ के सिरिसिया में पेड़ गिरने से 25 वर्षीय वीरेंद्र कुमार की मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक जग मुखिया की ई-रिक्शा पलटने से जान चली गई। इस हादसे में एक दो वर्षीय बच्चा भी घायल हो गया। सारण जिले में देर शाम अचानक मौसम ने विकराल रूप ले लिया। तेज आंधी, बारिश और बिजली कड़कने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई और सड़कें जलजमाव से भर गईं। छपरा, गड़खा, जलालपुर, मांझी, बनियापुर, अमनौर और मशरक सहित कई क्षेत्रों में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। राजधानी पटना में भी आंधी-बारिश का असर व्यापक रहा। दानापुर के रूपसपुर इलाके में निर्माणाधीन इमारत की दीवार गिरने से दो लोगों की मौत हो गई।
तेज हवाओं से पेड़ और बिजली के खंभे गिरने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित रही और यातायात भी प्रभावित हुआ। बिहटा-कुल्हड़िया रेलखंड पर पेड़ गिरने से ट्रेन परिचालन ठप हो गया, जिससे तेजस राजधानी, संपूर्ण क्रांति और मगध एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों पर खड़ी रहीं। दरभंगा में मूसलाधार बारिश के कारण कई सड़कें जलमग्न हो गईं और बिजली गुल हो गई।
वहीं मधुबनी जिले के जिरौल नवटोली गांव में ओलावृष्टि के दौरान 70 वर्षीय पंची देवी की मौत हो गई। बताया गया कि वे खेत में बकरी चरा रही थीं, तभी बड़े ओले गिरने से उनके सिर में गंभीर चोट लगी और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। आंधी-तूफान से आम और लीची की फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। कई जगह पेड़ और डालियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं, जिससे आवागमन बाधित रहा।
मौसम विभाग ने आगे के लिए भी अलर्ट जारी किया है। पटना मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले 24 घंटों में तापमान 2 से 3 डिग्री तक गिर सकता है, लेकिन उसके बाद अगले 48 घंटों में 3 से 4 डिग्री तक बढ़ने की संभावना है। न्यूनतम तापमान में भी धीरे-धीरे 3 से 4 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। आने वाले दिनों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है।
1 मई को राज्य के कई हिस्सों में तेज हवा, बिजली गिरने और गरज के साथ बारिश हो सकती है। 2 मई को कटिहार, किशनगंज और पूर्णिया में भारी बारिश और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने का अनुमान है। 3 मई को अररिया, मधेपुरा, सहरसा और सुपौल जैसे इलाकों में भी ऐसा ही मौसम रह सकता है। 4 मई को पूरे बिहार में गरज, बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना जताई गई है।