NEET-UG पेपर लीक मामला: मुख्य आरोपी मनीषा मंधारे 14 दिनों की CBI कस्टडी में, कोर्ट ने दी मंजूरी
By अंजली चौहान | Updated: May 17, 2026 13:27 IST2026-05-17T13:25:51+5:302026-05-17T13:27:06+5:30
NEET-UG paper leak case: महाराष्ट्र के पुणे की रहने वाली वनस्पति विज्ञान की वरिष्ठ शिक्षिका मंधारे को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक रणनीतिक अभियान के बाद उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित एक होटल से गिरफ्तार किया।

NEET-UG पेपर लीक मामला: मुख्य आरोपी मनीषा मंधारे 14 दिनों की CBI कस्टडी में, कोर्ट ने दी मंजूरी
NEET-UG paper leak case: NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को एक बड़ी कामयाबी मिली है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को इस मामले की मुख्य आरोपी मनीषा गुरुनाथ मंधारे को 14 दिनों की सीबीआई कस्टडी में भेज दिया है।
VIDEO | NEET UG Exam Paper leak case: CBI produces accused Manisha Waghmare and Prahalad Kulkarni before the Rouse Avenue court in Delhi.
— Press Trust of India (@PTI_News) May 16, 2026
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/kY1K2swpkh
महाराष्ट्र के पुणे की रहने वाली और वनस्पति विज्ञान (Botany) की सीनियर टीचर मंधारे को सीबीआई ने एक खुफिया ऑपरेशन के बाद उत्तर प्रदेश के मथुरा के एक होटल से गिरफ्तार किया था। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गहन पूछताछ के बाद केंद्रीय एजेंसी ने उन्हें विशेष सीबीआई जज के सामने पेश किया।
NTA की गोपनीयता पर उठे सवाल
केंद्रीय जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपी मंधारे को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा एक विशेषज्ञ (Expert) के रूप में नियुक्त किया गया था। इस वजह से उनकी पहुंच बॉटनी और जूलॉजी के बेहद संवेदनशील और गोपनीय प्रश्नपत्रों तक सीधे तौर पर थी। जांच एजेंसी ने अदालत को यह भी सूचित किया कि इस समय एनटीए की पूरी कार्यप्रणाली और परिचालन प्रक्रिया जांच के दायरे में है।
लीक का तरीका: घर पर लगाई 'सीक्रेट क्लास'
शुरुआती जांच में सामने आया है कि मंधारे ने परीक्षा के सवाल लीक करने के बदले छात्रों से मोटी रकम ली थी। अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि अप्रैल 2026 के दौरान, मंधारे ने इस महीने की शुरुआत में गिरफ्तार हो चुकी सह-आरोपी मनीषा वाघमारे की मदद से मेडिकल उम्मीदवारों को इकट्ठा किया था।
इसके बाद मंधारे ने अपने पुणे स्थित आवास पर गुप्त कोचिंग सत्र आयोजित किए। आरोप है कि उन्होंने वहां छात्रों को परीक्षा के असली सवाल लिखाए और उन्हें अपनी निजी कॉपियों में नोट करने व टेक्स्टबुक में उन विषयों पर निशान लगाने के निर्देश दिए। जांच में सामने आया है कि इनमें से अधिकांश सवाल 3 मई को आयोजित वास्तविक NEET-UG 2026 के प्रश्नपत्र से हुबहू मेल खाते थे।
बचाव पक्ष ने किया रिमांड का विरोध
दूसरी ओर, बचाव पक्ष के वकील ने सीबीआई की रिमांड अर्जी का कड़ा विरोध किया और इसे अनुचित बताया। वकील ने तर्क दिया कि मंधारे पहले ही स्वेच्छा से दो बार जांच में शामिल हो चुकी हैं और तीन दिन पुलिस हिरासत में बिता चुकी हैं। इसके अलावा, वकील ने इस बात पर भी जोर दिया कि मंधारे के आवास पर की गई छापेमारी में एजेंसी को कोई भी आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली है, इसलिए हिरासत बढ़ाने की कोई आवश्यकता नहीं थी।
कई राज्यों में फैला नेटवर्क, जांच तेज
अदालत ने बचाव पक्ष की आपत्तियों को खारिज करते हुए 14 दिनों की हिरासत को मंजूरी दे दी ताकि कई राज्यों में चल रही इस जांच में कोई बाधा न आए। सीबीआई ने अब अपना दायरा बढ़ाते हुए देश के कई राज्यों में कार्रवाई तेज कर दी है। इस सिलसिले में छह ठिकानों पर छापेमारी की गई है, जहां से लैपटॉप, मोबाइल फोन और बैंक स्टेटमेंट बरामद किए गए हैं।
माना जा रहा है कि मंधारे से हिरासत में पूछताछ के बाद इस पूरे रैकेट में शामिल बिचौलियों, प्रशासनिक अंदरूनी सूत्रों और पैसों के लेन-देन के बारे में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।