समान नागरिक संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड) एक सामाजिक मामलों से संबंधित कानून होता है। देश में रहने वाले हर नागरिक के लिए एक समान कानून होगा। समान नागरिक संहिता भारत के संविधान के अनुच्छेद 44 का हिस्सा है। किसी भी धर्म या जाति से क्यों न हो। Read More
पार्टी ने वादा किया कि वह जातीय समुदायों के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए, छठी अनुसूची और जनजातीय क्षेत्रों को छोड़कर, यूसीसी को लागू करके असम के लोगों की सभ्यता, विरासत और अधिकारों को संरक्षित करने हेतु विधायी सुरक्षा उपायों को मज़बूत करेगी। ...
Uniform Civil Code: 316 लोगों ने ऑनलाइन माध्यम से ही विवाह विच्छेद करने और 68 ने सहवास संबंधों में रहने, दो ने सहवास संबंध समाप्त करने का प्रमाणपत्र भी प्राप्त किया है। ...
यूसीसी भारत में विवाद का एक बड़ा मुद्दा रहा है, जहां सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) इसका समर्थन करती है, जबकि कांग्रेस और अन्य दल इसका विरोध करते हैं। उत्तराखंड अब यूसीसी लागू करने वाला भारत का पहला राज्य बन गया है। ...
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संविधान के 75 साल पूरे होने पर राज्यसभा में चर्चा के दौरान बोलते हुए उन्होंने समान नागरिक संहिता (यूसीसी), मुस्लिम पर्सनल लॉ और धार्मिक आरक्षण सहित प्रमुख मुद्दों को संबोधित किया। ...
प्रधानमंत्री ने दोहराया कि केंद्र का 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' प्रस्ताव, जिसका उद्देश्य देश में सभी चुनावों को एक ही दिन या एक निश्चित समय सीमा के भीतर एक साथ कराना है, जल्द ही मंजूरी दे दी जाएगी और यह एक वास्तविकता बन जाएगी। ...
हाईकोर्ट ने कहा, कानून निर्माताओं को यह समझने में कई साल लग गए कि ट्रिपल तलाक असंवैधानिक है और समाज के लिए बुरा है। हमें अब अपने देश में 'समान नागरिक संहिता' की आवश्यकता का एहसास होना चाहिए।' ...
सूत्रों ने बताया कि पार्टी को उम्मीद है कि उत्तराखंड के बाद अन्य भाजपा शासित राज्य भी जल्द ही इसका अनुसरण करेंगे। गुजरात और असम जैसे राज्य पहले से ही यूसीसी कानून पारित करने की प्रक्रिया में हैं। ...