NEET exam cancelled 2026: बहुत हो गया, अब नेस्तनाबूद कीजिए इस गैंग को!
By लोकमत समाचार सम्पादकीय | Updated: May 13, 2026 05:34 IST2026-05-13T05:34:06+5:302026-05-13T05:34:06+5:30
NEET exam cancelled 2026: जांच होती है, मुकदमा चलता है और कुछ छोटी मछलियां कुछ वर्षों के लिए जेल के सींखचों में चली भी जाती हैं लेकिन असली माफिया खुला घूमता रहता है. प्रश्नपत्र लीक होने के मामलों को ज्यादा गहराई और कठोरता से देखने की जरूरत है.

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NEET exam cancelled 2026: वर्ष 2026 के नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) की परीक्षा रद्द कर दी गई है क्योंकि अब यह सुनिश्चित हो गया है कि बहुत ही चालाकी के साथ नीट परीक्षा के पेपर लीक किए गए. राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने पेपर लीक का खुलासा किया था. नीट परीक्षा 3 मई को हुई थी और उसके पहले ही 150 पेज का गेस पेपर चुनिंदा परीक्षार्थियों के पास पहुंचा. इसमें से करीब एक तिहाई सवाल सीधे तौर पर परीक्षा में पूछे गए थे. यह भी कहा जा रहा है कि गेस पेपर के आधे सवाल प्रश्नपत्र से हूबहू मेल खा रहे थे.
फिलहाल जांच सीबीआई के पास पहुंच चुकी है और उम्मीद की जानी चाहिए कि असली गुनहगार पकड़ में जरूर आएंगे. प्रारंभिक तौर पर यह माना जा रहा है कि इसके पीछे कोई बहुत बड़ी साजिश है क्योंकि प्रश्नपत्र कुछ लोगों के पास केरल से आए. यह पहली बार नहीं है जब नीट के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं. 2024 में कुछ जली हुई कॉपियां बिहार की आर्थिक अपराध इकाई को मिली थीं.
कॉपियों का जो हिस्सा नहीं जल पाया था, उससे पता चला कि 68 सवाल ऐसे थे जो सीधे तौर पर नीट के प्रश्नपत्र से मेल खाते थे. 2022 में आयोजित नीट परीक्षा के बाद एक सॉल्वर गैंग का मामला सामने आया था जिसके खिलाफ सीबीआई ने मामला दर्ज किया था. उस समय भी फर्जी पहचान पत्र को माध्यम बनाकर असली छात्रों की जगह दूसरे लोगों को परीक्षा देने के लिए बैठाया गया.
2021 में भी नीट परीक्षा में प्रॉक्सी कैंडिडेट बैठाने का मामला भी सामने आया था. जांच में दिल्ली और रांची के परीक्षा केंद्रों से जुड़े नेटवर्क का खुलासा भी हुआ था. वर्ष 2018 में दिल्ली के वेस्ट पटेल नगर स्थित एक एजुकेशन सेंटर पर नीट परीक्षा में धांधली करने के आरोप लगे थे. वह संस्थान परीक्षा पास कराने का झांसा देकरे बड़ी रकम वसूलता था.
वैसे नीट एकमात्र परीक्षा नहीं है जिसके पेपर लीक हुए. इस तरह की कई परीक्षाओं और विभिन्न राज्यों में सामान्य परीक्षा के पेपर भी लीक होते रहे हैं. इसके पीछे कुछ कोचिंग संस्थान और शिक्षा माफिया का मिलाजुला खेल रहता है. यह कहने में कोई गुरेज नहीं है कि पूरे देश में शिक्षा माफिया का बोलबाला है. उनकी जड़ें गहरी पैठ चुकी हैं.
यही कारण है कि वे जब चाहते हैं, किसी भी परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक करने में सक्षम साबित होते हैं. जांच होती है, मुकदमा चलता है और कुछ छोटी मछलियां कुछ वर्षों के लिए जेल के सींखचों में चली भी जाती हैं लेकिन असली माफिया खुला घूमता रहता है. प्रश्नपत्र लीक होने के मामलों को ज्यादा गहराई और कठोरता से देखने की जरूरत है.
यदि किसी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होता है तो इसका मतलब है कि अपात्र विद्यार्थियों के चयन का मार्ग प्रशस्त हो जाता है. ये अपात्र लोग भविष्य में जब प्रोफेशनल के रूप में समाज में काम करने आते हैं तो समाज का अहित होने की आशंका ज्यादा होती है. इसके ठीक विपरीत जो योग्य हैं वे पीछे रह जाते हैं.
इसका मतलब है कि ये सारा खेल देशद्रोह का है. इसलिए प्रश्नपत्र लीक करने वालों और उन्हें संरक्षण देने वालों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए. उन्हें ऐसी सजा मिलनी चाहिए जो नजीर बन जाए और कोई दूसरा इस तरह देश के साथ छलात्कार न कर पाए. जब तक सरकार कठोरता नहीं बरतेगी तब तक इस तरह से प्रश्नपत्र लीक होते रहेंगे.