सीओपी का मतलब ‘कांफ्रेंस ऑफ पार्टीज’ है, ये 197 पार्टियां संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देश हैं और इसमें संयुक्त राष्ट्र के कुछ गैर सदस्य देश और यूरोपीय संघ भी शामिल है। ये सभी जलवायु परिवर्तन पर अंतरराष्ट्रीय कानून की संधि का समर्थन करते हैं। इसका गठन 1992 में जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए किया गया था, जिसे तब ज्यादातर लोग ‘ग्रीनहाउस प्रभाव’ कहते थे। इसे सीओपी 26 इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि 2021 की ये बैठक इसकी 26वीं बैठक है। Read More
मीथेन के परमाणुओं में हलचल अधिक होती है इसलिए कार्बन डाईऑक्साइड की तुलना में मीथेन गैस से धरती का तापमान 28 से 80 गुना अधिक बढ़ता है. इसलिए हाल में संपन्न हुए कॉप-26 सम्मेलन में लगभग 100 देशों के बीच सहमति बनी है कि वे मीथेन के उत्सर्जन को कम करेंगे. ...