ज्वेलरी इंडस्ट्री काे ₹300000 कराेड़ का झटका लगेगा?, 20 उद्याेग पर असर और नौकरी खत्म होने के आसार?, पीएम की साेना न खरीदने की अपील पर बाेले ज्वेलर्स
By आनंद शर्मा | Updated: May 13, 2026 20:51 IST2026-05-13T20:50:45+5:302026-05-13T20:51:49+5:30
ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी डाेमेस्टिक काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश राेकड़े ने ‘लाेस’ काे बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी ने जनता से साेना न खरीदने की अपील की है.

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नागपुर: पश्चिम एशिया संकट के बीच विदेशी मुद्रा बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी ने देशहित में अगले एक वर्ष तक साेना न खरीदने की अपील देशवासियाें से की है. इस अपील का अब ज्वेलरी इंडस्ट्री पर गहरा असर हाेने की आशंका जताई जा रही है. अनुमान के मुताबिक, अगले एक साल में देश की ज्वेलरी इंडस्ट्री काे 3 लाख कराेड़ रुपए का झटका लग सकता है. इतना ही नहीं, ज्वेलरी शाेरूम में कार्यरत स्टाफ और आभूषण कारीगराें पर बेराेजगारी की तलवार लटक सकती है. ज्वेलरी इंडस्ट्री से संबद्ध 20 अन्य उद्याेग भी प्रभावित हाे सकते हैं.
सरकार से ज्वेलर्स की अपेक्षाएं
- साेना आयात कम करने पर जाेर दें
- गाेल्ड एक्सपाेर्ट वृद्धि पर फाेकस हाे
- गाेल्ड माॅनिटाइजेशन स्कीम पर गाैर करें
ऐसे में ज्वेलर्स सरकार से साेने के आयात-निर्यात और गाेल्ड माॅनिटाइजेशन स्कीम पर फाेकस करने की अपील सरकार से कर रहे हैं. इस बारे में ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी डाेमेस्टिक काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश राेकड़े ने ‘लाेस’ काे बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी ने जनता से साेना न खरीदने की अपील की है.
देशहित में ये बात ठीक है, इसे व्यावहारिक दृष्टि से भी देखना हाेगा. साेने की खरीदी से परहेज सही है, पर ज्वेलरी की खरीदी रुकनी नहीं चाहिए. राेेकड़े के अनुसार, भारत में ज्वेलरी इंडस्ट्री का काराेबार सालाना औसतन 10 लाख कराेड़ रुपए का है. पीएम माेदी की अपील के असर के चलते इसमें 30 फीसदी यानी 3 लाख कराेड़ रुपए की गिरावट आने की आशंका बनी हुई है.
इससे आभूषण कारीगर, ज्वेलरी शाेरूम के कर्मचारी बेराेजगार हाे जाएंगे. इतना ही नहीं, ज्वेलरी इंडस्ट्री से संबद्ध अन्य 20 उद्याेग भी प्रभावित हाे सकते हैं, जो लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्रदान कर रहे हैं. राेकड़े ने बताया कि ज्वेलरी इंडस्ट्री में 15 प्रतिशत के आसपास ही निवेशक हैं. शेष उपभाेक्ता ही हैं.