ऑपरेशन थियेटर और लेबर रूम में काम प्रभावित?, झारखंड की राजधानी रांची सदर अस्पताल में पानी की किल्लत ने खोली पोल
By एस पी सिन्हा | Updated: April 24, 2026 14:39 IST2026-04-24T14:38:15+5:302026-04-24T14:39:12+5:30
नगर निगम द्वारा रोजाना लगभग 10 टैंकर पानी (लगभग 50,000 लीटर) मंगवाकर अस्पताल की जरूरतों को पूरा किया जा रहा है, क्योंकि नियमित पाइपलाइन की सप्लाई बंद है।

सांकेतिक फोटो
रांचीः झारखंड की राजधानी रांची में स्थित सदर अस्पताल में पानी की भारी किल्लत ने स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है। जलापूर्ति ठप होने के कारण अस्पताल प्रबंधन को निगम से करीब 50 हजार लीटर पानी मंगवाकर ऑपरेशन कराने पड़े। पानी की सप्लाई ठप होने से मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
नगर निगम द्वारा रोजाना लगभग 10 टैंकर पानी (लगभग 50,000 लीटर) मंगवाकर अस्पताल की जरूरतों को पूरा किया जा रहा है, क्योंकि नियमित पाइपलाइन की सप्लाई बंद है। हाल यह है कि पानी की कमी के कारण ऑपरेशन थियेटर और लेबर रूम में काम प्रभावित हो रहा है। बाल्टी से पानी ढोकर काम चलाया जा रहा है।
अस्पताल की लॉन्ड्री सेवा भी पूरी तरह से बंद हो गई है। वहीं, आईसीयू, वार्ड और बाथरूम में पानी न होने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को भीषण गर्मी में पीने के पानी के लिए बाहर भटकना पड़ रहा है। हालात इतने गंभीर हैं कि पूरा अस्पताल परिसर पूरी तरह से 'ड्राई जोन' में तब्दील हो चुका है।
आईसीयू, जनरल वार्ड और यहां तक कि लेबर रूम जैसे अति-संवेदनशील हिस्सों में भी पानी की एक बूंद नहीं पहुंच पा रही है। एक ओर जहां भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है, वहीं दूसरी ओर पानी की इस भारी किल्लत ने मरीजों और उनके परिजनों का हाल बेहाल कर दिया है। मरीजों और उनके तीमारदारों की मानें तो सुबह से ही अस्पताल के किसी भी नल में पानी नहीं आ रहा है।
पानी के अभाव में लोग बाथरूम तक नहीं जा पा रहे हैं, जिससे अस्पताल में स्वच्छता संबंधी परेशानी भी खड़ी हो गई है। सबसे ज्यादा फजीहत उन मरीजों की हो रही है जो ऊपरी मंजिलों पर भर्ती हैं। सूखते गले के साथ उन्हें पांच तल्ला नीचे उतरना पड़ रहा है और फिर कड़ाके की तेज धूप में अस्पताल के बाहर की दुकानों से पीने का पानी खरीद कर लाना पड़ रहा है।
बीमारी की हालत में पीने के पानी के लिए दर-दर भटकना मरीजों के लिए एक बड़ा सिरदर्द बन गया है। बताया जा रहा है कि रूक्का डैम प्लांट में सफाई कम होने के कारण से शहर के कई इलाकों में पानी की कमी हो गई है, जिसका असर अस्पताल पर भी पड़ा। सदर अस्पताल में दिनभर पानी की सप्लाई नहीं मिलने से विशेषकर गायनी वार्ड में भर्ती महिलाओं और गर्भवती मरीजों के ऑपरेशन में गंभीर दिक्कतें आईं। बताया जाता है कि अस्पताल के अपने दो बोरिंग भी चालू किए गए, लेकिन भीषण गर्मी के कारण वे भी पर्याप्त पानी नहीं दे सके।
टैंकर से लाए गए पानी को एक स्थान पर जमा कर मोटर के जरिए टंकी में भरा गया, जिससे केवल दो-तीन ऑपरेशन थिएटर (ओटी) में ही नल के जरिए पानी पहुंच सका। बाकी ओटी में कर्मचारियों को बाल्टी से पानी ले जाकर ऑपरेशन कराना पड़ा। सदर अस्पताल में कुल सात ओटी हैं, जिनमें से केवल दो में ही नियमित जलापूर्ति हो सकी।
ऐसे में पानी की कमी का असर मरीजों और उनके परिजनों पर भी साफ नजर आया। जल संकट के कारण अस्पताल की लॉन्ड्री सेवा भी पूरी तरह ठप हो गई। सुबह से पानी नहीं होने के कारण कपड़ों की धुलाई नहीं हो सकी। ऑपरेशन थिएटर और वार्ड में इस्तेमाल होने वाले चादर व कपड़े नहीं बदले जा सके, जिससे डॉक्टरों को भी पुराने कपड़ों का ही इस्तेमाल करना पड़ा।
हालांकि सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. विमलेश कुमार सिंह ने बताया कि पेयजल विभाग से सप्लाई नहीं मिलने से यह समस्या उत्पन्न हुई है, और वे जल्द से जल्द पानी की आपूर्ति सामान्य करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पानी की सप्लाई बाधित रहने के बावजूद कोई भी ऑपरेशन नहीं टाला गया।